संपत्ति की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ पारिवारिक विवादों में भी वृद्धि देखी जा रही है। संपत्ति विवादों के कारण हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं और अदालतों में मुकदमेबाजी साधारण बात हो गई है। यह टिप्पणी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला के एक संपत्ति विवाद के मामले पर सुनवाई के दौरान की। जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने अपने फैसले में पारिवारिक मूल्यों में गिरावट को लेकर चिंता जताई और इसे संपत्ति विवादों से जोड़ते हुए कहा कि इन मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे विवाद और मुकदमे पहले भी होते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से इन विवादों में तेजी आई है। यह भी दुखद है कि कई मामलों में कोई विवाद तब तक नहीं होता जब तक व्यक्ति जीवित रहता है, लेकिन जैसे ही वह इस दुनिया से विदा होता है तो विवाद सामने आने लगते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि खून पानी से गाढ़ा होता है। इसका अर्थ है कि पारिवारिक रिश्ते हमेशा अन्य रिश्तों से मजबूत होते हैं। पहले के समय में परिवारों में आपसी संबंध बहुत मजबूत होते थे, जहां युवा सदस्य बुजुर्गों का सम्मान करते थे और बुजुर्ग भी न्यायपूर्ण और देखभाल करने वाले होते थे। परिवारों में संपत्ति विवादों को नकारात्मक रूप से देखा जाता था, विशेषकर जब विवाद खून के रिश्तों और करीबी परिवार के सदस्य के बीच होते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा।


