कोंडागांव के खंडाम गांव के हवलदार रतिराम सोरी भारतीय थल सेना के आर्टिलरी रेजिमेंट से रिटायर होने के बाद घर लौटे। उनकी वापसी पर पूरे गांव वालों ने जश्न मनाया और स्वागत किया। रतिराम सोरी ने 2001 में विक्टोरिया क्रॉस रेजिमेंट में अपनी सेवा शुरू की। हैदराबाद में ट्रेनिंग के बाद उन्होंने पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, बिहार और सियाचिन जैसे कठिन इलाकों में देश की सेवा की। 31 मार्च 2025 को नासिक में उनकी सेवानिवृत्ति हुई। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 2021 में सिकंदराबाद में डायरेक्टर जनरल आर्टिलरी और 2024 में बारामूला में मेजर जनरल ने उन्हें ‘हार्ड वर्क’ मेडल से सम्मानित किया। जम्मू-कश्मीर में उन्हें तीन बार तैनाती मिली। खेल प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने सेना का नाम रोशन किया। आतिशबाजी के साथ किया स्वागत रतिराम सोरी के बनियागांव पहुंचते ही आतिशबाजी शुरू हो गई। देशभक्ति के नारों से माहौल गूंज उठा। परिवार, मित्र और अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागांव के पदाधिकारियों ने तिलक-आरती कर उनका स्वागत किया। स्थानीय युवा और सैन्य प्रशिक्षणार्थी भी इस अवसर पर मौजूद रहे। भव्य जुलूस निकालकर लगाए वंदे मातरम के नारे दुर्गा माता मंदिर में पूजा के बाद भव्य जुलूस निकाला गया। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगे। ग्रामवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा की। बस्तर का प्रसिद्ध मांदरी नृत्य और देशभक्ति गीतों ने समारोह की शोभा बढ़ाई। स्वागत समारोह में रतिराम सोरी ने युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया।


