सीएम-डिप्टी सीएम को धमकी के बाद सेंट्रल-जेलों से हटाई RAC:कैदियों से मिलीभगत बाद एक्शन; गेट के बाहर बैठेंगे; कैदियों को नहीं करेंगे सर्च

प्रदेश की सेंट्रल जेल से सीएम और​ डिप्टी सीएम को धमकियां मिलने के बाद प्रदेश की जेलों की सिक्योरिटी को लेकर बड़ा बदलाव किया है। जेल की सुरक्षा और चेकिंग के लिए तैनात आरएसी टीम को जेल से बाहर कर दिया है। अब आरएसी टीम केवल जेल के मैन गेट पर ही तैनात रहेगी। दरअसल, हाल ही में सीएम भजनलाल शर्मा को बीकानेर सेंट्रल जेल और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को जयपुर सेंट्रल जेल से धमकी मिली थी। सीएम को अब तक चार बार जेल से धमकी मिल चुकी है। इसके बाद डीजी जेल गोविंद गुप्ता की ओर से मामले की जांच की तो सामने आया कि आरएएसी की टीम जेल प्रहरियों के साथ मिलकर कैदियों की भी जांच करती है। ऐसे में कैदी, जेल प्रहरी और आरएसी टीम में तैनात जवान मिलकर अंदर तक सामान पहुंचा रहे है। इसके बाद डीजी ने आदेश जारी कर मैन गेट के अलावा जेल में बैरिकेट तक तैनात आरएसी की टीम को हटाने के लिए कहा है। जेल में चैकिंग के दौरान मिलीभगत का शक, कड़ी तोड़ने के लिए नई व्यवस्था सीएम औ ​डिप्टी सीएम को धमकी मिलने के बाद जेल विभाग के अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसमें सामने आया कि आरएएसी टीम जिनकी तैनाती मुख्य गेट तक थी वह जेल सिक्योरिटी के तीसरे बैरक तक पहुंच गई। यहां आने वाले कैदियों के सामान, कैदियों और उनके परिजनों की जांच भी जेल प्रहरी की जगह ये करने लगे। जेल अधिकारियों का मानना था कि जेल बैरक के गेट तक आरएएसी के जवानों की जांच के बाद जेल प्रहरी और कैदियों की मिलीभगत बढ़ गई। कैदी, जेल प्रहरी से मिलीभगत करता है और इसके बाद जेल प्रहरी आरएएसी के जवान से, क्योंकि कैदियों के लिए आने वाला सामान भी वहीं जांचने लगा था। इसमें जेल अधिकारियों ने बताया कि कैदी जेल प्रहरी और आरएएसी जवान की कड़ी को तोड़ने के लिए आरएसी टीम को जेल के बाहर मुख्य गेट पर तैनात कर दिया जाना चाहिए, जिससे ये सिस्टम को रोका जा सके। इस मीटिंग के बाद प्रदेश की सेंट्रल जेल और हाई सिक्योरिटी जेल में इस व्यवस्था को बदल दिया गया है। डीजी बोले: जो नियमों में नहीं है, वह जेल में हो रहा है तो सुधारने की जिम्मेदारी हमारी इस मामले को लेकर डीजी जेल का कहना है कि जो नियमों में है वह कर रहे है। जो नियमों में नहीं है और वह जेल में हो रहा है तो उसे सुधारने की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने बताया कि जेल में सालों दशकों से जेल प्रहरी और आरएएसी की टीम ही जेल में जाने वाले सामन,कैदी की जांच किया करते थे। लेकिन अब केवल जेल विभाग के प्रहरी ही जेल में जांच का काम करेंगे। यहां वह जेल के लिए आने वाले सामान की जांच करेगी। कैदी की जांच नहीं करेगी लेकिन उनका सामान जरूर चेक करेगी। जांच करने वाली आरएसी की टीम के लिए बाहर टेंट लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए जेल के मेन गेट पर गुमटी लगा दी जाएगी जो केवल आरएएसी जवानों के लिए होगी। एक आरएसी कंपनी रहती है तैनात, अब जेल प्रहरी की होगी जिम्मेदारी प्रदेश की सभी सेंट्रल और हाई सिक्योरिटी जेल में आरएएसी की एक टीम तैनात है। एक टीम में 60 जवान होते है। दरअसल, जेल में जाने के लिए तीन लेयर सिक्योरिटी होती है। पहला मैन गेट, जहां आरएसी के जवान तैनात रहते है। इसके बाद जेल में एंट्री के लिए लोहे का गेट होता है। जहां कैदियों और उनके सामान की जांच की जाती है। इसके बाद तीसरा गेट होता है, जो बैरक से पहले होता है। नई व्यवस्था के तहत आरएएसी के जवान अब मेन गेट पर ही तैनात रहेंगे। जेल में जाने वाले कैदियों, उनके परिजनों और सामान के चैकिंग की जिम्मेदारी केवल जेल प्रहरियों की होगी। मेन गेट पर आएएसी के जवान जेल के लिए आने-जाने वाले सामान और केवल कैदियों के सामान की ही जांच करेंगे। इधर, जेल डीजी कर चुके प्रमोशन की घोषणा राजस्थान की जेलों में चल रही अवैध गतिविधियों की सूचना देने पर जेल कर्मियों को इनाम देने की भी घोषणा की गई थी। डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने 29 मार्च को ये आदेश जारी किए थे। आदेश में लिखा था- अगर कोई भी जेल का कर्मचारी डीजी जेल मुख्यालय पर व्यक्तिगत या अन्य किसी माध्यम से जेल में चल रही अवैध गतिविधियों (मोबाइल, सिम और नशे) की जानकारी देता हैं। जांच में वह साबित हो जाती है तो ऐसे जेलकर्मी को डीजी जेल की ओर से इनाम दिया जाएगा। साथ ही अति महत्वपूर्ण सूचनाएं देने पर प्रहरी और मुख्य प्रहरियों को विशेष पदोन्नति दी जाएगी। सीएम और डिप्टी सीएम को जेल से मिली थी धमकी पिछले दिनों बीकानेर और जयपुर जेल से सीएम भजनलाल शर्मा और डिप्टी सीएम प्रेम चंद्र बैरवा को धमकी मिलने का मामला सामने आया था। सीएम को धमकी देने के मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें 1 बीकानेर जेल का प्रहरी और 2 बंदी शामिल थे। डिप्टी सीएम को धमकी देने के मामले में जयपुर जेल से 6 बदमाश पकड़े गए थे। आरोपियों से खुलासा हुआ था कि वे मोबाइल का इस्तेमाल करते थे। उस मोबाइल को जेल में पीसीओ की तरह चलाते थे। ये खबर भी पढ़ें… सीएम-डिप्टी सीएम को धमकी देने के मामले में डीएसपी हटाया:9 पुलिसकर्मी सस्पेंड; कॉन्स्टेबल ने पहुंचाया था जेल में मोबाइल-सिम कार्ड सीएम भजनलाल शर्मा और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को जान से मारने की मिली धमकी मामले में डीएसपी हटाया गया और 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
जेलों में गलत कामों की जानकारी देने पर होगा प्रमोशन:जेलकर्मियों को इनाम भी दिया जाएगा; डीजी ने निकाले आदेश राजस्थान की जेलों में चल रही अवैध गतिविधियों की सूचना देने पर अब जेल कर्मियों को इनाम दिए जाएंगे। अति महत्वपूर्ण सूचना देने वाले का प्रमोशन भी किया जाएगा। डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने 29 मार्च को ये आदेश जारी किए हैं। (यहां पढ़ें पूरी खबर)

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