कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर विपक्षी विधायकों को सरकारी लोकार्पण, उद्घाटन कार्यक्रमों में नहीं बुलाने का आरोप लगाते हुए तंज कसा है। डोटासरा ने कहा कि इस सरकार ने नई परंपरा निकाल दी है, हारे हुए विधायक उम्मीदवारों से उद्घाटन करवाए जा रहे हैं। अभी सीएम ने उद्घाटन किए, एक भी कांग्रेस के विधायक को लोकार्पण कार्यक्रम में नहीं बुलाया। मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में भी लोकार्पण कार्यक्रम हुए लेकिन मुझे नहीं बुलाया गया गया। डोटासरा ने कहा- मैं लक्ष्मणगढ़ का विधायक हूं, मेरे वक्त में कॉलेज मंजूर हुआ था, मुख्यमंत्री ने कब उद्घाटन किया किसी काे पता नहीं। दूसरे दिन प्रिंसिपल ने मुझे बताया, मेरी नाम पट्टिका जरूर लगी थी। डोटासरा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। किरोड़ी ने कहा था पर्ची ने सत्यानाश कर दिया, अब वो पर्ची बदलवाने में लगे हैं डोटासरा ने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर तंज कसते हुए कहा- किरोड़ी ने कहा था कि पर्ची ने मेरा सत्यानाश कर दिया मुझे चुनाव हरवा दिया, अब वो पर्ची बदलवाने में लगे हुए हैं। अब देखना यह है कि पर्ची बदलती है या पर्चा बदलता है, या फिर पोर्टफोलियो बदलता है। नौ महीने से मंत्री खुद मान रहे थे कि वे काम नहीं कर रहे हैं। इस सरकार की हाल देखिए, डबल इंजन की सरकार के निर्णय लेने की क्षमता पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। कौन काम करेगा कौन काम नहीं करेगा, यह जनता का विषय नहीं है, जनता ने भाजपा की सरकार चुनी है तो उसे काम करना चाहिए। बड़े उद्योगपतियों को जमीन देने के लिए हुआ राइजिंग राजस्थान का नाटक डोटासरा ने राइजिंग राजस्थान को लेकर दिए गए मुख्यमंत्री के बयान पर तंज कसते हुए कहा- मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि निवेशक उनका फोन नहीं उठा रहे हैं। जब फर्जी एमओयू करवाओगे तो यही हाल होगा। राइजिंग राजस्थान में बड़ा खेल हुआ है, जिनकी पर्ची दिल्ली से आई है उन्हें सोलर पावर प्लांट के लिए जमीन दे दी। कैबिनेट की जब भी बैठक होती है तो केवल जमीन देने का काम होता है। सोलर के लिए जमीन देने से कोई रोजगार नहीं मिलता। बड़े उद्योगपतियों को सोलर के लिए जमीन देने में कई भाजपा के नेता भी शामिल हैं। राइजिंग राजस्थान का नाटक केवल बड़े उद्योगपतियों को जमीन देने के लिए किया गया था, हम इसका सदन से लेकर सड़क तक विरोध करेंगे। सरकार अपने चहेतों को वक्फ संपत्तियों का मालिक बनाना चाहती है वक्फ एक्ट में संशोधन बिल पर डोटासरा ने कहा- वक्फ संपत्तियों पर सरकार की नीयत में खोट है। केंद्र सरकार अपने चहेतों को वक्फ संपत्तियों का मालिक बनाना चाहती है, इसीलिए मनमाने तरीके से बिल लेकर आ गए हैं। इसके जरिए हिंदू- मुसलमान ध्रुवीकरण भी हो जाएगा और राजनीतिक रोटियां भी सेक ली जाएंगी। डोटासरा ने कहा- वक्फ संपत्तियों पर पहले से ही कानून बना हुआ है, जिसमें वक्फ संपत्तियां सुरक्षित हैं। अब ये लोग वक्फ एक्ट में संशोधन करना चाहते हैं, इनसे पूछा जाए कि वक्फ एक्ट में संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी? इनसे कारण पूछो तो ये जवाब देने की जगह भ्रम फैलाने लग जाते हैं कि नई संसद भवन को भी वक्फ संपत्ति घोषित कर देंगे। इनसे पूछा जाए कि जो पहले से संसद भवन बना हुआ है क्या उसे वक्फ संपत्ति घोषित किया था?


