जोधपुर में परिवहन विभाग की सब इंस्पेक्टर की बुधवार सुबह ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। उन्हें सीने में दर्द होने पर हॉस्पिटल लेकर गए थे। इलाज के दौरान ही दूसरा अटैक आ गया और मौत हो गई। परिवहन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार- अंजू बोहरा (49) पत्नी नारायण किशन बुधवार सुबह करीब 7 बजे ड्यूटी पर चौपासनी क्षेत्र पहुंच गई थी। वे चेकिंग कर नियम तोड़ने वाले दो वाहनों का चालान कर चुकी थी। अचानक सुबह 7:11 बजे उनके सीने में दर्द महसूस हुआ। इस बारे में उन्होंने अपने साथियों को बताया। साथी उन्हें तुरंत एमडीएम हॉस्पिटल लेकर गए। वहां मेडिकल स्टाफ ने उनकी ईसीजी की। इस बीच 7:33 बजे फिर से हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। सीने में दर्द की शिकायत की थी
परिवहन विभाग में सेवाएं दे रहे भूतपूर्व सैनिक सुमेरसिंह एसआई अंजू बोहरा के साथ थे। उन्होंने बताया- बुधवार सुबह करीब 7 बजे वे अंजू बोहरा को उनके घर से लेकर चौपासनी क्षेत्र में ड्यूटी करने पहुंचे थे। यहां अंजू ने 2 गाड़ियों के चालान बनाए। तभी उन्होंने खुद के सीने में एक झटके के साथ दर्द होने की बात कही। पहले घर गए, फिर हॉस्पिटल लेकर गए
सुमेरसिंह ने बताया- फिर वे बोलीं कि उल्टी हो रही है। सूखी उल्टी जैसा होने पर सुमेरसिंह ने हॉस्पिटल चलने की बात कही। अंजू ने हामी भरी, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि दो मिनट के लिए घर चलते हैं, फिर हॉस्पिटल चलेंगे। जोधपुर भीतरी शहर के कल्लों की गली हाल सरदारपुरा 10वीं सी रोड स्थित घर पहुंचने के कुछ देर बाद वे पति के साथ वापस बाहर आईं और एमडीएम हॉस्पिटल पहुंचे। हॉस्पिटल में वे खुद ही गाड़ी से उतरकर पति के साथ भीतर गईं। कुछ देर बाद गाड़ी पार्क करके मैं भी हॉस्पिटल में पहुंचा तो उनकी स्थिति ठीक नहीं थी। डॉक्टर उन्हें सीपीआर दे रहे थे, इसी दौरान उनकी सांसें थम गईं। सुमेर सिंह के अनुसार, अंजू बोहरा लगभग 9 साल से परिवहन विभाग में थीं। करीब 4 साल 5 माह पहले वे ट्रांसफर होकर जोधपुर में पदस्थापित हुई थीं। इससे पहले करीब 3 साल बालोतरा में पदस्थापित रहीं। आरटीओ बोले- कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों में शामिल थीं
आरटीओ जगदीश प्रसाद बैरवा ने बताया- अंजू बोहरा विभाग की बेस्ट ऑफिसर थीं, जिन्हें कभी भी कुछ कहने की जरूरत नहीं पड़ती थी। वे अपने काम के प्रति हमेशा समर्पित रहती थीं। अंजू की गिनती परिवहन विभाग में कर्मठ और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों में होती थी। मार्च क्लोजिंग में भी उनकी परफॉर्मेंस उल्लेखनीय रही। कल होगा अंतिम संस्कार
अंजू बोहरा के दो बेटे हैं। एक बेटा अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहा है। दूसरा बेटा जोधपुर में ही इंजीनियरिंग कर रहा है। अंजू का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर किया जाएगा।


