फरीदाबाद साइबर अपराध NIT की टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी के मामले में एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। महिला रिटायर्ड अधिकारी को TRAI का कर्मचारी ठगों ने झांसे में लिया। मामले में पुलिस पहले से पांच आरोपियों को पकड़ चुकी है। जानकारी के अनुसार घटना 10 जनवरी की है। फरीदाबाद की ग्रीन वैली में रहने वाली एक रिटायर्ड महिला अधिकारी को अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को TRAI का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि पीड़िता का फोन नंबर जबरन वसूली के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। 6 करोड़ का अवैध लेनदेन का आरोप लगाया ठगों ने एक फर्जी पुलिसकर्मी से पीड़िता की बात कराई। फर्जी पुलिसकर्मी ने बताया कि उनके आधार नंबर से मुंबई में केनरा बैंक में खाता खोला गया है। इस खाते में 6 करोड़ का अवैध लेनदेन का आरोप लगाया गया। 19 दिन तक डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखा ठगों ने पीड़िता को धमकाया कि उनके खिलाफ मुंबई में कई FIR दर्ज हैं और गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं। 11 से 29 नवंबर तक पीड़िता को डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखा गया और इस दौरान 40 लाख रुपए की ठगी की गई। आरोपी एम.ए. पास है और दाई का काम करती है पुलिस ने मामले में अजमेर, राजस्थान की रहने वाली नीलम को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि नीलम एम.ए. पास है और दाई का काम करती है। उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता ऋषिकेश नाम के व्यक्ति को बेच दिया था। इस खाते में ठगी के 30 लाख रुपए जमा हुए थे। इस मामले में ऋषिकेश समेत 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिक पूछताछ के लिए महिला आरोपी को कोर्ट में पेश कर 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।


