भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा (ACB) ने की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने दादाबाड़ी थाने के दो कॉन्स्टेबल बनवीर आचार्य व मनीष जांगिड़ को 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोपी कॉन्स्टेबल थाने में दर्ज मारपीट के मामले में मदद करने की एवज में परिवादी से 30 हजार की रिश्वत मांग रहे थे। बुधवार रात को थाने से 1 किमी दूरी पर परिवादी से रिश्वत ली। एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी ने एसीबी चौकी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उसके बेटों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज था। बेटों को बचाने के एवज में आरोपी कांस्टेबल द्वारा 30 की रिश्वत मांग कर परेशान किया जा रहा है। परिवादी का शिकायत पर 31 मार्च को सत्यापन किया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जिसके बाद बुधवार रात को ट्रेप की कार्रवाई की आरोपी। आरोपी कॉन्स्टेबल ने गोदावरी धाम स्थित रामधाम के पास नाले पर परिवादी से रिश्वत ली। परिवादी का इशारा मिलते ही कॉन्स्टेबल बनवीर व मनीष को 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा। टीम दोनों कॉन्स्टेबल को देहात एसीबी कार्यालय ले जाकर पूछताछ की। कार्रवाई रात 12 बजे तक चली। मारपीट के मामले में मदद की एवज में रिश्वत मांगी बताया जा रहा है कि 27 मार्च को दादाबाड़ी थाने में मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। इसमें चार आरोपी पकड़े जा चुके। बाकि चार आरोपी को बचाने की एवज में रिश्वत मांगी गई। मामले की जांच एसआई कर रहा था। परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी चौकी में दी। एसीबी सत्यापन में आरोपियों ने पैसों की डिमांड की। बुधवार रात को परिवादी 10 हजार की रिश्वत लेकर गया तो इन्होंने पूरे पैसे मांगे। परिवादी ने 10 हजार रूपए होने की बात कही। एसीबी की गिरफ्त में आए दोनों कॉन्स्टेबल 2018 बैच के है।


