भास्कर न्यूज | पटना सर्व आदिवासी समाज ने कोरिया कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें सिविल जज परीक्षा 2023 में चयनित अभ्यार्थी अत्नु प्रसाद पर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर चयन का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की चयन सूची में अत्नु प्रसाद का नाम अनुसूचित जनजाति वर्ग में दर्ज है, जबकि वह केंवट जाति से हैं, जो अन्य पिछड़ा वर्ग में आती है। समाज का कहना है कि अत्नु प्रसाद की जाति संदेहास्पद प्रतीत होती है। उन्होंने फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर अनुचित लाभ लिया। जिला स्तरीय प्रमाण-पत्र सत्यापन समिति ने बिना गहन जांच के उन्हें एसटी वर्ग में शामिल कर दिया। इससे वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों को उनके संवैधानिक अधिकार और आरक्षण का लाभ नहीं मिल सका। समाज ने मांग की है कि सिविल जज चयन प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थी के दस्तावेजों की दोबारा जांच हो। यदि जाति प्रमाण-पत्र फर्जी पाया जाए तो चयन प्रक्रिया को रद्द किया जाए। साथ ही अभ्यर्थी पर कानूनी कार्रवाई हो। नियुक्ति-पत्र जारी होने से पहले जाति प्रमाण-पत्र की जांच अनिवार्य की जाए। यह ज्ञापन सर्व आदिवासी कोरिया समाज के अध्यक्ष गणपत प्रसाद के नेतृत्व में सौंपा गया।


