दिलजीत दोसांझ का महाराष्ट्र प्रशासन पर तंज:बोले- ‘जहर को शिव की तरह पी लूंगा, अंदर नहीं जाने दूंगा; कॉन्सर्ट के लिए जारी हुई थी एडवाइजरी

दिलजीत दोसांझ का मुंबई में 19 दिसंबर को कॉन्सर्ट था, जिसके लिए महाराष्ट्र प्रशासन की ओर से एक एडवाइजरी जारी की गई थी। अब इस मामले में सिंगर ने प्रशासन पर तंज कसा है। उन्होंने समुद्र मंथन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी भगवान शिव की तरह जहर का प्याला पी लेंगे, लेकिन उसे अपने अंदर नहीं जाने देंगे। दरअसल, दिलजीत के एक फैन पेज ने मुंबई में हुए कॉन्सर्ट का वीडियो शेयर किया है, जिसमें सिंगर कहते हुए नजर आ रहे हैं, ‘मैंने कल अपनी टीम से पूछा कि कोई एडवाइजरी तो जारी नहीं हो गई, मेरे पीछे-पीछे। तो वो बोले कि सब ठीक है। लेकिन जैसे ही मैं आज सुबह उठा तो पता चला कि मेरे खिलाफ फिर एडवाइजरी जारी हो गई है। हालांकि, आप सभी बिल्कुल चिंता मत करिए। ये सभी एडवाइजरी मेरे ऊपर, आप यहां जितना मजा करने आए हैं, मैं आपको उससे डबल मजा करके दूंगा आपको।’ दिलजीत ने कहा, ‘आज सुबह जब मैं योग कर रहा था, तो एक विचार आया। मुझे लगता है कि आज के शो की शुरुआत उसी से करनी चाहिए। जब सागर मंथन हुआ था, तो अमृत देवताओं ने पिया, लेकिन जो विष निकला, वह भगवान शिव ने पिया। शिव जी ने उस विष को अपने अंदर नहीं रखा, बल्कि उसे अपने कंठ तक ही सीमित रखा। इसीलिए उन्हें नीलकंठ कहा जाता है।’ दिलजीत ने आगे कहा, ‘तो मुझे यही सिखने को मिला कि जिंदगी और दुनिया जो भी जहर फेंके, उसे कभी भी अपने अंदर मत आने दो। अपनी मेहनत में कोई कमी मत छोड़ो। लोग आपको रोकेंगे, टोकेंगे… जो भी हो, वो जितना चाहें जोर लगा लें, लेकिन आप खुद को अंदर से डिस्टर्ब ना होने दें।’ जानें क्या है पूरा मामला
दरअसस, 15 नवंबर को हैदराबाद में दिलजीत का कॉन्सर्ट था। इससे पहले तेलंगाना सरकार ने उन्हें, उनकी टीम और हैदराबाद के होटल नोवोटेल को नोटिस जारी किया था। तेलंगाना के जिला कल्याण अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में गायक को लाइव शो के दौरान पटियाला पग और पंज तारा जैसे गाने नहीं गाने को कहा गया था। यह नोटिस वेलफेयर ऑफ वूमेन एंड चाइल्ड और डिसएबल एंड सीनियर सिटीजन डिपार्टमेंट ने जारी किया था। चंडीगढ़ में दिलजीत दोसांझ का 14 दिसंबर को कॉन्सर्ट था। इस दौरान प्रशासन ने ऑर्गेनाइजरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। प्रशासन ने बुधवार को हाईकोर्ट में इसको लेकर स्टेटस रिपोर्ट दायर की थी, जिसमें बताया गया था कि उन्होंने ध्वनि प्रदूषण को लेकर ऑर्गेनाइजरों से जवाब मांगा है। प्रशासन के मुताबिक, कॉन्सर्ट के दौरान आवाज का स्तर तय सीमा से अधिक पाया गया। आवाज 75 डेसिबल (DB) से ऊपर नहीं जानी चाहिए थी, लेकिन कॉन्सर्ट के दौरान आवाज 82 डेसिबल तक पहुंच गई थी। अब इस मामले की सुनवाई 9 जनवरी को होगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *