पंजाब के फिल्लौर में बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर खालिस्तानी नारे लिखे जाने से तनाव की स्थिति बन गई है। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के विरोध में जगराओं के दलित समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। लाला लाजपत राय पार्क में एकत्र होकर उन्होंने रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने रानी झांसी चौक पर धरना देकर जालंधर-बरनाला हाईवे समेत शहर के रास्ते बंद कर दिए। इससे पूरे शहर में यातायात व्यवस्था ठप हो गई। पन्नू को भारत आने की चुनौती
प्रदर्शनकारी नेता कुलवंत सिंह सहोता ने कहा कि पन्नू जैसे आतंकवादियों के खिलाफ पूरा भारतीय समाज एकजुट है। उन्होंने पन्नू को भारत आने की चुनौती दी। सहोता ने कहा कि रात के अंधेरे में छिपकर हरकतें करने वाले कायर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 14 अप्रैल को यदि कोई प्रतिमा को नुकसान पहुंचाएगा, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि खालिस्तानी समर्थकों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और 14 अप्रैल को कोई अप्रिय घटना हुई, तो इसके लिए पंजाब सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने मांग की है कि सरकार देशविरोधी तत्वों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेकर केस दर्ज करे।


