राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को अदालती आदेश के बावजूद 5 सालों से निलंबित चल रहे शिक्षक को बहाल नहीं करने से जुड़े मामले में राज्य के प्रमुख शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल, शिक्षा निदेशक आशीष मोदी, अजमेर मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक साहिब सिंह व टोंक जिला शिक्षा अधिकारी मीना लसारिया को अवमानना के नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब-तलब किया है। अवमानना याचिका पर हुई सुनवाई न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह धड्ढा कि एकलपीठ ने यह आदेश 6 अक्टूबर 2020 से आपराधिक प्रकरण के चलते निलंबित किए गए वरिष्ठ अध्यापक हरिनारायण मीणा द्वारा एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा मालपुरा के जरिए दायर कि गई अवमानना याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए दिए। 2 माह में बहाल करने के आदेश दिए थे अवमानना याचिका में बताया गया है कि शिक्षक को 6 अक्टूबर 2020 को मारपीट आदि धाराओं में मेहंदवास थाने मुकदमा दर्ज होने पर विभाग ने सस्पेंड किया था। निलंबन से बहाली के लिए उच्च न्यायालय ने प्रार्थी कि याचिका पर 6 सितम्बर 2024 को आदेश देते हुए उसे दो माह में बहाल करने के आदेश दिए थे। लेकिन, विभाग ने उसे बहाल नहीं किया। इस बीच प्रार्थी को अधीनस्थ अदालत ने आपराधिक प्रकरण में भी बरी कर दिया। विभाग को इस बारे में कई बार बहाली के लिए अभ्यावेदन दिए, लेकिन उसे बहाल नहीं करने पर अवमानना याचिका दायर कर उसे बहाल करने व जिम्मेदार अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। अदालत ने अवमानना याचिका की प्रति विभाग के अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा को देने के आदेश देते हुए चार सप्ताह में जवाब-तलब किया है।


