जयपुर-ब्लास्ट के आतंकी को जेल, पुलिस से धक्का-मुक्की की थी:रतलाम में भाजपा नेता के भाई के घर मिला; बुर्का पहनकर आता-जाता था

जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश में शामिल एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के मोस्ट वांटेड आतंकी फिरोज को गुरुवार को रतलाम कोर्ट ने जेल भेज दिया। उसे गिरफ्तारी के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की के मामले में जेल भेजा गया है। फिरोज को लेकर जाने के लिए जयपुर से एनआईए भी रतलाम पहुंची है। एनआईए उसका ट्रांजिट रिमांड मांगेगी। इसके बाद उसे जयपुर लेकर रवाना होगी। 5 लाख का इनामी आतंकी रतलाम निवासी फिरोज (48) एक महीने से रतलाम छिपा हुआ था। उसने बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष मंसूर जमादार के भाई मसरूफ के घर पनाह ले रखी थी। फिरोज, मंसूर का साला है। आईएएस-आईपीएस की कॉलोनी के पास रहता था
फिरोज आनंद कॉलोनी के जिस घर रह रहा था, वहां से 100 मीटर दूर ऑफिसर्स कॉलोनी है, जहां डीआईजी से लेकर कलेक्टर, एसपी समेत तमाम पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के बंगले हैं। आतंकी फिरोज पुलिस से बचने के लिए बुर्का पहनकर घर से बाहर निकलता था। मकान में 17-18 कमरे, एक में आतंकी छिपा था
फिरोज जिस घर में रहता है उसमें 17 से 18 कमरे हैं। इन्हीं में से एक कमरे में वह रुका था। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी इसी घर में रहते हैं, लेकिन आतंकी के बारे में उन्हें पता नहीं चला। तीन साल से फरार आतंकी फिरोज खान की गिरफ्तारी पर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मंसूर जमादार ने कहा- मैं मकान के आगे के हिस्से में रहता हूं। भाई मसरूफ पीछे के हिस्से में रहता है। मुझे फिरोज के बारे में पता नहीं था। आज सुबह जब पुलिस आई तब ही मुझे पता चला है। भाई मसरूफ जमादार को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बहन के घर में छिपकर रह रहा था आतंकी
रतलाम की आनंद कॉलोनी में आतंकी फिरोज की रेहाना का आलीशान मकान है। तीन भाइयों के परिवार के 19 लोग इस घर में अलग-अलग हिस्से में रहते हैं। रेहाना के पति मसरूफ खेती करते हैं। आतंकी फिरोज इसी के घर में रह रहा था। मंसूर जमादार ने दैनिक भास्कर को बताया कि भाई मसरूफ मकान के पिछले हिस्से में रहता है। मैं आगे की तरफ रहता हूं। एक भाई मिल्लत नगर में रहता है। इस घर में हम दो ही भाई का परिवार रहता है। घर में बड़े बच्चे भी हैं, जिनकी शादियां हो गई हैं। भाई के उधर जाने का काम नहीं पड़ता था। इसलिए हमें फिरोज के बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वह कब से यहां पर रह रहा था। घर में माता-पिता, पत्नी और चार बच्चे
आनंद कॉलोनी में ही फिरोज का भी मकान है। इस मकान में उसके पिता फकीर मोहम्मद खान, मां के अलावा पत्नी सहित 4 बच्चे भी हैं। सबसे बड़ी 19 साल की बेटी है। दूसरे नंबर पर 17 साल का बेटा है। तीसरे नंबर पर 15 साल की बेटी व चौथे नंबर पर 13 साल का बेटा है। पिता का सब्जी का कारोबार है। यह भी जानकारी सामने आई है कि फिरोज के पिता ने 2022 में 17 करोड़ रुपए में एक जमीन बेची थी। झूमाझटकी कर भागने का प्रयास किया
फिरोज के खिलाफ रतलाम के स्टेशन रोड थाने में आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है। बुधवार तड़के पुलिस इसे पकड़ने गई थी तब सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र रघुवंशी, हेड कॉन्स्टेबल राहुल जाट के साथ झूमाझटकी कर भागने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस टीम ने इसे दबोच लिया। पुलिस ने इस मामले में स्टेशन रोड थाने पर केस दर्ज किया है। एसपी बोले- शक के घेरे में पनाह देने वाले
एसपी अमित कुमार के अनुसार रतलाम में फिरोज का किस-किस ने सपोर्ट किया है, उसकी जांच की जाएगी। चूंकि केस एनआईए ने दर्ज किया है, तो उसके आने के बाद ही जांच का दायरा आगे बढ़ाया जाएगा। कोर्ट से फिरोज का रिमांड मांगा जाएगा, ताकि उससे पूछताछ हो सके। अभी तक की पूछताछ में वह कुछ भी नहीं बोला है। ​​​​​ सूफा संगठन का खजांची था
रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि आतंकी फिरोज अलसूफा संगठन के 5 मुख्य संस्थापक सदस्यों में से होकर संगठन का खजांची था। 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निंबाहेड़ा पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार (एमपी43सीए7091) को रोककर तलाशी ली थी। कार में तीन व्यक्ति जुबेर पिता फकीर मोहम्मद पठान, सैफुल्ला उर्फ सैफ खान पिता रमजानी अली और अल्तमश पिता बशीर खां तीनों निवासी रतलाम को पकड़ा था। इनके पास से विस्फोटक (12 किलो आरडीएक्स) सहित बम बनाने में प्रयुक्त होने वाला सामान जिसमें टायमर, सेल, वायर समेत अन्य सामग्री के साथ पकड़ा था। पूछताछ में फिरोज समेत 8 नाम बताए थे
उस दौरान पूछताछ में सामने आया था कि तीनों अलसूफा नामक संगठन से जुड़े थे। जो अपने संगठन सूफा के अन्य 8 सदस्यों के साथ मिलकर जयपुर में सीरियल ब्लास्ट कर आतंकी घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी। बताए गए नामों में आमीन फावड़ा, आमीन हाजी, मजहर उर्फ छोटू, इमरान पठान, यूनुस साकी, इमरान मटका, फिरोज उर्फ सब्जी सभी निवासी रतलाम एवं आकिब निवासी महाराष्ट्र का नाम सामने आया। एनआईए ने अपनी हाथ में ली जांच
अंतरराष्ट्रीय मामले होने पर जांच एनआईए ने अपने हाथों में ली। एनआईए और राजस्थान पुलिस ने केस दर्ज किया। एनआईए ने 19 जुलाई 2023 को पुणे से आतंकी इमरान खान और मोहम्मद युनूस साकी निवासी कूंजड़ों का वास रतलाम समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी आतंकी संगठन की स्लीपर सेल सूफा से जुड़े हैं। आतंकी फिरोज उर्फ सब्जी (48) पिता फकीर मोहम्मद खान निवासी आनंद कॉलोनी फरार हो गया था। एनआईए ने इसकी तलाश के लिए रतलाम में पोस्टर लगाकर 5 लाख का इनाम भी घोषित किया। तीन साल में करीब 10 बार फिरोज को तलाशने के लिए एनआईए और एटीएस भी रतलाम आ चुकी है। अलग-अलग जगहों पर भी दबिश दी, लेकिन यह नहीं मिला। लास्ट अक्टूबर माह में भी एनआईए रतलाम आई थी। यह बांसवाड़ा समेत आसपास के जिलों में रह रहा था। जांच में साजिश का मास्टरमाइंड रतलाम के मोहननगर का इमरान खान का नाम सामने आया था। उस समय पुलिस ने उसके घर पर बुलडोजर भी चलाया था। इमरान के साथ ही साजिश में शामिल अमीन खान उर्फ अमीन फावड़ा, मोहम्मद आमीन पटेल, मजहर खान को पुलिस व एटीएस की मदद से पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। मुझे जानकारी नहीं, पुलिस अपना काम करेगी- जिलाध्यक्ष
इस मामले में बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय का कहना है कि मुझे जानकारी नहीं है। अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मंसूर भाई जमादार से संपर्क किया था, लेकिन नहीं हो पाया है। अगर वह इसमें शामिल हैं और मदद की है तो पुलिस प्रशासन अपना काम करेगा। एक ही घर में 6 अलग-अलग फ्लैट हो सकते है। अगर उनके भाई के घर में रह रहा होगा तो उसमें हम कुछ नहीं कर सकते। एक ही घर में एक माह से रहने के बावजूद बीजेपी नेता मंसूर जमादार को जानकारी नहीं होने के सवाल पर बीजेपी जिलाध्यक्ष का कहना था कि एक ही मल्टी में कई लोग रहते है। उनकी उनसे भाई से बातचीत है या नहीं, इस बारे में पता किया जाएगा। संबंधित खबर पढ़ें… रतलाम में बीजेपी नेता के भाई के घर था आतंकी:जयपुर सीरियल ब्लास्ट का आरोपी फिरोज गिरफ्तार; ईद मनाने बहन के घर आया था जयपुर सीरियल ब्लास्ट की साजिश में शामिल फरार आतंकी फिरोज खान (48) को रतलाम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आनंद कॉलोनी स्थित जिस घर से फिरोज को पकड़ा गया वह बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मंसूर जमादार के भाई मसरूफ जमादार का घर है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि आतंकी यहां कोई बड़ी वारदात करने की तैयारी में था। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोपी से पूछताछ की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें जयपुर में ब्लास्ट की साजिश, रियलटी चेक:लावारिस बैग आधे घंटे पड़े रहे, पुलिस मोबाइल में बिजी; लोग बोले- मुझे क्या मतलब, किसका है? सिमी, IM के बाद नया आतंकी संगठन ‘अलसुफा’:MP, राजस्थान में स्लीपर सेल एक्टिव, मास्टरमाइंड सहित 3 आतंकी गिरफ्तार, 2 संदिग्ध डिटेन …तो 12 बमों से दोबारा दहल उठता जयपुर:राजधानी में 13 मई 2008 दोहराने की साजिश; तब 8 धमाकों से 80 की जान गई, 176 घायल

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