खारा में प्रदूषण रोकने के लिए पीओपी फैक्ट्रियों में किए देसी जुगाड़, पीसीबी के दल ने कहा-उनके पैरामीटर में नहीं, उद्यमी अड़े

खारा गांव को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पीओपी फैक्ट्री मालिकों ने देसी जुगाड़ बनाया है। उनका दावा है कि इससे पार्टिकुलेट मैटर चिमनी से बाहर नहीं जाएंगे। धुआं भी पानी से फिल्टर होकर निकलेगा। हालांकि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का दल इससे सहमत नहीं है। उनका कहना है कि यह जुगाड़ है। बोर्ड के पैरामीटर में नहीं आता। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के दल और खारा उद्योग संघ के बीच बुधवार को तीन घंटे तक प्रदूषण खत्म करने को लेकर मंथन चला। बोर्ड का दल सभी उद्यमियों को पांच लाख तक के उपकरण फैक्ट्री में लगाने पर दबाव डालता रहा। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में धुएं के साथ निकलने वाले काले कणों को रोकने के लिए भट्टी पर साइक्लोन, डस्ट एंट्रेनमेंट सिस्टम और वाटर स्क्रबर लगाना होगा। इसी प्रकार डस्ट सेटलिंग चैंबर के लिए चिमनी से निकलने वाली डस्ट को रोकना होगा। इसके लिए बैक फिल्टर अथवा डस्ट कलेक्टर लगाने होंगे। इस सिस्टम से एक फैक्ट्री पर करीब पांच लाख का खर्च आएगा, जबकि उद्यमियों का कहना है कि प्रदूषण रोकने के लिए उन्होंने देसी जुगाड़ कर लिया है और वह सफल रहा है। उन्होंने बताया कि धुआं डस्ट कलेक्टर से होकर वाटर स्क्रबर में आएगा, जिससे पार्टिकल उसी में रह जाएंगे। धुआं भी फिल्टर होकर बाहर निकलेगा। उन्होंंने आग्रह किया कि उद्देश्य पॉल्यूशन रोकना है। इसलिए पहले उनके जुगाड़ देख लें। अंत में इस बात पर सहमति हुई कि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का दल एक और फैक्ट्री पर उपकरण लगाएगा। उसके साथ ही दो दिन तक उद्यमियों के जुगाड़ भी मॉनिटरिंग की जाएगी। उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। खारा उद्योग संघ के भवन में हुई बैठक में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चीफ इंजीनियर प्रेमालाल, अधीक्षण अभियंता दीपक सिंह तंवर, रीजनल ऑफिसर राजकुमार मीणा, उद्योग संघ के अध्यक्ष परविंद्र सिंह, अरुण बांठिया, ईश्वर चंद्र बोथरा, बजरंग सियाग, जय किशन पड़िहार, भंवरलाल, नरेश राजपुरोहित सहित लगभग सभी उद्यमी मौजूद रहे। इससे पूर्व सुबह पॉल्यूशन बोर्ड के दल ने मिनरल जोन में पीआेपी फैक्ट्रियों का जायजा लिया। रीको की जमीन कब्जाने पर 4 फैक्ट्रियों को नोटिस खारा औद्योगिक क्षेत्र में रीको की जमीन पर चिमनियां, दीवार और गेट निकालकर कब्जा करने पर चार फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सीनियर डीजीएम एसके गर्ग ने बताया कि फैक्ट्री मालिक अपनी निर्धारित सीमा से बाहर निकल आए हैं। अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार अतिक्रमण होने की सूचना मिली है। जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि नोखा में उद्यम नहीं लगाने पर चार भूखंड निरस्त कर दिए गए हैं। नोखा को 2015 में विकसित क्षेत्र घोषित किया गया था। उसके बाद भी भूखंड धारकों ने वहां किसी तरह की इंडस्ट्री या उपक्रम नहीं लगाया। प्रदूषण के दबाव में रीको ने शुरू की सफाई वायु प्रदूषण कम करने के दबाव को देखते हुए खारा औद्योगिक क्षेत्र में सफाई का काम भी शुरू हो गया है। नगर निगम ने इसका टेंडर किया है। ठेकेदार की जेसीबी मशीन और डम्परों ने सड़कों से पीओपी धूल उठानी शुरू कर दी है। झाड़ियां भी काटी जा रही हैं। इसके साथ ही सड़कों की मरम्मत का काम भी शुरू हो गया है। रीको के डीजीएम एसके गर्ग ने बताया कि सड़कों की मरम्मत के लिए 380 लाख रुपए के टेंडर किए गए हैं।

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