दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता और एकल महिला का पदस्थापन करते समय नहीं रखा ध्यान

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला अध्यक्ष मानसिंह शेरगढ़ एवं जिला मंत्री लाखनसिंह जघीना के नेतृत्व में अधिशेष शिक्षकों के समायोजन में हुई अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मधु भार्गव को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि जिले के अधिशेष शिक्षकों के समायोजन में दिए गए निर्देशों को अनदेखा किया गया है। जो कि नियमों के विरूद्ध है। शिक्षकों की वरिष्ठता को ध्यान में नहीं रखा गया है। समायोजन में वरिष्ठ शिक्षक के स्थान पर कनिष्ठ शिक्षक को प्राथमिकता दी गई है। शहरी क्षेत्र में लेवल -1 के पद रिक्त होने पर भी उन पदों पर लेवल -2 के शिक्षकों को पद विरुद्ध लगाया गया है। जबकि समायोजन पदस्थापन में पहले दिव्यांग, विधवा, परित्यकता, एकल महिला के बाद वरिष्ठ शिक्षक को प्राथमिकता देते हुए पदस्थापन देने चाहिए। लेवल-1 के रिक्त पदों पर पहले लेवल -1 के शिक्षकों का ही समायोजन करने के बाद फिर रिक्त बचे स्थानों पर लेवल -2 वाले शिक्षकों का पद विरुद्ध पदस्थापन देना चाहिए। इस अवसर पर महेशचंद्र शर्मा, रामनरेश राठौर, सतीश दीक्षित, नरेंद्र कुंतल, सतेन्द्र गोदारा, पदमसिंह अजान, सत्यप्रकाश बयाना, मनीष भारद्वाज, महेन्द्र गुप्ता, लोकेश फौजदार, ओमकुमार शर्मा, शुभम शर्मा, रामेश्वर गुर्जर, गौरव चौधरी, विकास चौधरी आदि मौजूद रहे। इस दौरान मौजूद लोगों ने इस प्रक्रिया को गलत माना। दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता और एकल महिला का पदस्थापन में ध्यान नहीं रखा है। अधिशेष शिक्षकों के समायोजन में सर्वप्रथम पीईईओ परिक्षेत्र , फिर ब्लॉक और फिर निकटतम ब्लॉक में पदस्थापन करना चाहिए था। जबकि इसका पालन नहीं हुआ है। भरतपुर।

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