लैम्पस में धान बेचकर ठगा महसूस कर रहे हैं किसान

भास्कर न्यूज |लोहरदगा/किस्को जिले के किस्को प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत लैम्प्स में धान की अधिप्राप्ति के तीन माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी किसानों को दूसरी क़िस्त की राशि नहीं भेजी गई। जिससे किसान परेशान हैं। किसानों ने ससमय पैसे मिलने की आस में धान की बिक्री लैम्पस में की थी। जिसका भुगतान अभी तक किसानों को नही हुआ है। लैम्पस में राशि की भुगतान में लेट लतीफी के कारण इस वर्ष लैम्प्स में धान की खरीद काफी सुस्त देखने को मिली। वहीं लैम्पस में किसानों को मांग के अनुरूप उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण लैम्प्स की ओर किसानों का झुकाव कम हो रही है। सरकार द्वारा धान खरीद की मूल्य बढ़ाने के आश्वासन के बाद भी मूल्य वृद्धि नही हुई। सरकार द्वारा चुनाव से पूर्व 32 रुपए धान खरीद का वादा की थी, परंतु24 रुपए धान खरीद कर किसान को धोखा देने का काम किया गया। जबकि बाजार में धान की खरीद लैम्प्स से महज एक से दो रुपए कम रही। लेकिन लैम्पस में सोखती कटौती के कारण किसानों को बाजार मूल्यों के बराबर रेट आ गया। इसमें भी ससमय राशि नहीं मिलना किसानों के लिए घाटा साबित हो रहा है। लैम्प्स में 24 रुपए धान की खरीद की गई। जबकि बाजार में 21 रुपए तक धान की खरीद हुई। जिससे किसान अपने आप को ठगा महसूस कर रहे। वहीं मिली जानकारी के अनुसार लैम्पस से धन उठाव के बाद राशि भी आवंटित हो गया है। वहीं हेसपीढ़ी लैम्प्स अंतर्गत आने वाले किसानों का कहना है कि हेसपीढ़ी लैम्प्स में 1 क्विंटल में 7 किलो धान काटा जाता है और इस वर्ष भी धान कटौती की गई। भास्कर न्यूज | बारियातू सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बारियातू में गुरुवार को हवन-पूजन के साथ सत्र 2025-26 की शुरुआत हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडित कृष्ण कुमार मिश्र ने हवन संपन्न कराया। प्रधानाचार्य जितेन्द्र राम, शशि कुमार सिंह, वीणा देवी, लक्ष्मण राम, नीतीश कुमार सहित सभी आचार्य, दीदी-भैया और बहनों ने भक्तिपूर्ण वातावरण में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया। विद्यालय के सफल संचालन की कामना की गई। विद्यालय परिवार और सभी छात्र-छात्राएं मंत्रोच्चार के साथ हवन में शामिल हुए। प्रधानाचार्य जितेन्द्र राम ने बताया कि विद्या भारती योजना के तहत सरस्वती शिशु मंदिरों में हवन-पूजन के साथ सत्र की शुरुआत होती है। 4 अप्रैल से नियमित कक्षाएं शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन संस्कारयुक्त शिक्षा के लिए विद्यालय में करा सकते हैं। इस अवसर पर पूरा विद्यालय परिवार मौजूद रहा। हवन पूजन करते आचार्य व अन्य।

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