अपराध गंभीर, FIR 10 से 75 दिन लेट : सुप्रीम कोर्ट कहे ‘तुरंत FIR’, अमृतसर पुलिस बोले ‘पहले जांच फिर केस’

संजय तिवारी | अमृतसर पुलिस क्राइम ग्राफ कम दिखाने और डिटेक्शन रेट बढ़ाने के लिए देरी से एफआईआर दर्ज कर रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट से गंभीर मामलों में तुरंत एक्शन लेकर केस दर्ज करने के निर्देश हैं। दैनिक भासकर ने एक साल में जिले के थानों में दर्ज केसों का एनालिसिस किया। अलग-अलग क्राइम के कुल 2866 केस दर्ज हुए हैं, जिसमें 256 मामले ऐसे हैं जिसमें 1 से 2 महीने के बाद केस दर्ज हुआ है। इसी तरह 76 लूट-स्चैनिंग के मामलों में ट्रेसिंग के बाद मामला दर्ज किया गया है। यह डाटा 1 मार्च 2024 से 2 अप्रैल 2025 तक का है। पुलिस की ओर से देरी से केस दर्ज करने पर कई बार सबूत कमजोर पड़ जाते हैं या गवाह मुकर जाते हैं, जिससे आरोपी को फायदा होता है और मामला कमजोर हो जाता है। अगर पीड़ित महीनों तक थानों के चक्कर काटता रहेगा, तो वह खुद ही मामला छोड़ सकता है। इससे पुलिस को केस बंद करने का आसान बहाना मिल जाता है। जानकारों के अनुसार, पुलिस अधिकारी अपनी “सफलता दर” यानी एफआईआर के बाद आरोपी की गिरफ्तारी का समय कम करके क्राइम ग्राफ में पर्दा डालने का काम करते हैं और अमृतसर में भी कुछ ऐसे ही स्थिति दिख रही है। अमृतसर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान प्रदीप सैनी का कहना है कि एफआईआर का मतलब फर्स्ट इन्फार्मेशन रिपोर्ट होता है, जो थानों में शिकायत मिलने पर पुलिस को तुरंत दर्ज करनी होती है। जिसके बाद पुलिस को दर्ज मामले पर जांच करनी होती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी हैं मगर पुलिस इसमें लापरवाही का बरतती है। जिस कारण पीड़ितों को केस रजिस्टर्ड करवाने के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। बड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने के बाद कोर्ट में चालान पेश करने के लिए 90 दिन का समय होता है, वहीं छोटे क्राइम में 60 दिन का समय होता है। ^ कुछ मामलों में जांच की जरूरत होती है, जांच पूरी होने पर एफआईआर की जाती है। ऐसा कुछ नहीं है कि देरी से पर्चे दर्ज हो रहे हैं। कोई बड़ा क्राइम होता है तो तुरंत एफआईआर की जाती है। छोटे क्राइम में कुछ दिनों की जांच के बाद मामला दर्ज किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पुलिस पालन कर रही है। -आलम विजय सिंह डीसीपी लॉ एंड आर्डर थाना सिविल लाइन पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग मामले में आरोपी को काबू करने के बाद एफआईआर दर्ज की। एफआईआर 26 दिन के बाद 2 अप्रैल को दर्ज की गई, जबकि घटना 6 मार्च की है। यह कार्रवाई फतेहगढ़ चूड़िया रोड के रहने वाले जतिंदर सिंह की शिकायत पर की गई। पीड़ित ने मोबइल स्नैचिंग की शिकायत पुलिस में दर्ज करवा दी थी। कार से टक्कर मारकर किया घायल, 27 दिन के बाद केस कत्थूनंगल पुलिस ने पुराने झगड़े की रंजिश में बाइक सवार युवक को कार से टक्कर मारकर घायल करने वाले आरोपी पर 27 दिन के बाद केस दर्ज हुआ। यह घटना 6 नवंबर 2023 की है। पीड़ित जसविंदर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन पर्चा 27 दिन के बाद दर्ज किया गया था। आरोपी उसे जान से मारना चाहता था। इस घटना के दौरान वह घायल हो गया था। मोबाइल स्नैचिंग की 26 दिन के बाद दर्ज की एफआईआर

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *