हर धर्म में ‘मां’ का खास स्थान, इसके बिना जीवन की कोई कल्पना नहीं

जालंधर | मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी में वीरवार को हवन किया गया। धाम के संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने कहा कि संसार का हर धर्म जननी ‘मां’ की अपार महिमा का यशोगान करता है। हर धर्म और संस्कृति में मां के अलौकिक गुणों और रूपों का उल्लेखनीय वर्णन मिलता है। हिंदू धर्म में देवियों को ‘मां’ कहकर पुकारा गया है। धार्मिक परंपरा के अनुसार धन की देवी ‘लक्ष्मी मां’, ज्ञान की देवी ‘सरस्वती मां’ और शक्ति की देवी दुर्गा मानीं गई हैं। नवरात्र में ‘मां’ को नौ विभिन्न रूपों में पूजा जाता है। मुस्लिम धर्म में हजरत मोहम्मद कहते हैं कि ‘मां’ के चरणों के नीचे स्वर्ग है। ईसाइयों के पवित्र ग्रंथ में स्पष्ट लिखा गया है कि ‘मां के बिना जीवन होता ही नहीं है।’ बौद्ध धर्म में महात्मा बुद्ध के स्त्री रूप में देवी तारा की महिमा का गुणगान किया गया है। यहूदियों की मान्यता के अनुसार उनके 55 पैगम्बर हैं, जिनमें सात महिलाएं भी शामिल हैं। यहां श्वेता भारद्वाज, श्रीकंठ जज, मुनीश शर्मा, निर्मल शर्मा, गुरवीर, राकेश प्रभाकर, पूनम प्रभाकर, समीर कपूर, मोनिका कपूर, अमरेंद्र कुमार शर्मा, बलजिंदर सिंह, रिंकू सैनी, वेद प्रकाश, उदय व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।

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