जयपुर में शुक्रवार सुबह अजमेर हाईवे पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने केमिकल से भरे टैंकर में धमाका हो गया। हादसे में 11 लोग जिंदा जल गए और 33 लोग झुलसे हैं। टैंकर को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी। इससे टैंकर में ब्लास्ट हो गया और जलता हुआ केमिकल 200 से 300 मीटर दूर तक फैल गया। जहां-जहां केमिकल गिरा वहां आग लग गई। घायलों को एसएमएस हॉस्पिटल लाया गया, वहीं मृतकों को एसएमएस मोर्चरी लाया गया। मृतक हरलाल के मामा भी इस दौरान एसएमएस हॉस्पिटल मौजूद थे, जिन्होंने हरलाल और राजू नाम के शख्स को इस घटनाक्रम में झुलसने के बाद यहां उपचार के लिए लाए थे। जो कि घटनाक्रम के प्रत्यदर्शी भी थे। मृतक हरलाल के मामा ने भास्कर से बातचीत में बताया कि वह अजमेर रोड पर एक ट्रक में भांजे हरलाल और राजू को गांव जाने के लिए ट्रक में बैठा कर आए थे। उसके बाद वह 500 मीटर की दूरी पर ही पहुंचे थे कि राजू का उनके पास फोन आया कि एक हादसा हो गया है और उसमें हम झुलस गए हैं। इसके बाद हरलाल के मामा मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भीषण आग जल रही थी। इस बीच कुछ समय रुक कर उन्होंने अपने लोगों को ढूंढना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने राजू को बाइक से और हरलाल को किसी स्कॉर्पियो की मदद से एसएमएस अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया- हरलाल शेखावटी खंडेला तहसील के रहने वाले है, उनकी उम्र 25 साल है। वह टाइल मार्बल का काम करते है। बता दे की हरलाल बेटा नानूराम की भीषण हादसे में मौत हो चुकी है.


