जिला मुख्यालय के नदी दरवाजा बाहर स्थित शाही कुण्ड की दशा सुधारने की मांग की गई है। नागरिक परिषद करौली की ओर से इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने रियासत कालीन शाही कुंड की दशा सुधारने की मांग की है। परिषद के संयोजक एडवोकेट उधोसिंह सहित राजेन्द्र भारद्वाज, एडवोकेट जयेन्द्र सिंह, मनोज शर्मा, नरेन्द्र सिंह, शिवकुमार शर्मा, ओमप्रकाश गुप्ता सहित अन्य ने सौंपे ज्ञापन में बताया है कि नदी दरवाजा बाहर रियासतकाल में शाही कुंड का निर्माण हुआ था। यह ऐतिहासिक है और नक्काशी कलाकृति का बेजोड़ नमूना है। किसी समय में इसी शाही कुण्ड के जरिए शहर में जलापूर्ति होती थी। कुछ समय पहले जब इसमें पानी कम हो गया तो जनसहयोग से इसकी सफाई कराई गई। एक बार पानी सूखने पर तत्कालीन कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशन में भी मिट्टी निकालकर कुण्ड की सफाई कराई गई थी। अब इसके आसपास आबादी भी बसी हुई है। इस बार मानसून के दौरान एक तरफ की चारदीवारी का हिस्सा टूट गया, जिसका मलबा व कचरा अब कुण्ड में जा रहा है। वर्तमान में कुण्ड में काफी मात्रा में पानी भरा हुआ है। ज्ञापन में कलेक्टर से शाही कुण्ड की मरम्मत और सफाई कराने की मांग की गई है।


