नागौर नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक सभापति मीतू बोथरा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आयुक्त रामरतन चौधरी, सभी पार्षदगण समेत नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में नगर परिषद के मामलों की बेहतर पैरवी के लिए एक अधिवक्ता की नियुक्ति का निर्णय लिया गया। एसीबी के प्रकरण के मामले में अभियोजन की स्वीकृति देने को लेकर बोर्ड ने असहमति जताई है। साधारण सभा में आम रास्तों और प्रमुख चौराहों के नामकरण का प्रस्ताव पारित हुआ। इस संदर्भ में शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए नामकरण किए जाएंगे। यश रोज मर्डर केस के पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए पीड़ित परिवार के प्रशासन के साथ हुए समझौते के तहत आश्रित को संविदा पर नौकरी देने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में बीकानेर रोड स्थित जेएलएन अस्पताल के पास आयुक्त कार्यालय के लिए जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव पारित हुआ। संत रविदास सेवा समिति को छात्रावास में शिक्षण संस्थान के लिए जमीन आवंटन का निर्णय भी लिया गया। सभापति मीतू बोथरा ने बैठक के अंत में कहा कि ये प्रस्ताव शहर के विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। उन्होंने सभी पार्षदों और अधिकारियों से इन पर अमल करने में सहयोग की अपील की।


