झालावाड़ की पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग से रेप के आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशिष्ठ लोक अभियोजक रामहेतार गुर्जर ने बताया कि 14 सितंबर 2022 को पीड़िता के पिता ने थाना रायपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 5 सितंबर 2022 करीब रात 10 बजे घर वाले खाना खाकर सो गए थे। रात को जब पीड़िता की मां पानी पीने के लिए उठी तो नाबालिग नजर नहीं आई। जिसके बाद मां ने पिता को उठाया। आस-पास तलाशने और रिश्तेदारी में पता करने पर भी नाबालिग का पता नहीं लगा। जिसके बाद थाना रायपुर में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच कर पीड़िता और दोषी को 30 नवम्बर 2022 को झालावाड़ रेलवे स्टेशन से पकड़ा। पीड़िता ने पुलिस बयान में बताया कि करीब एक साल पहले पीड़िता की जान पहचान फेसबुक के जरिए दोषी से हुई। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदल गई और पीड़िता को दोषी से प्यार हो गया और रात को दोषी उसके गांव आया और वह पीड़िता को बहला-फुसलाकर बस में बिठाकर झालरापाटन ले गया। फिर वहां से दोषी पीड़िता को अपने के घर ले गया। उसके बाद दोषी ने पीड़िता को अपने मिलने वाले के यहां एक कमरे में 15 दिन कमरे पर भवानीमंडी रखा और वहां पर पीड़िता के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद दोषी पीड़िता को जोधपुर और बीकानेर ले गया। जहां दोषी ने पीड़िता के साथ जबरन रेप किया।


