जिले में 54 करोड़ की धान खरीदी, अब तक किसानो को नही हुआ भुगतान
एनसीसीएफ की लापरवाही का नतीजा भुगत रहे किसान
अनूपपुर। जिले में 3 दिसम्बर से 24 केन्द्रो में हो रही खरीदी आज तक जारी है धान खरीदी केन्द्रो में अब तक 2 लाख 70 हजार 9 सौ 27 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। जिसका कुल मूल्य 54 करोड़ रुपये से अधिक है। जिला आपूर्ति अधिकारी बालमेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार आज दिनोक तक किसी भी किसान के खाते में 1 रुपये का भी भुगतान नही हुआ है। आज ही राज्य सरकार की तरफ से 8 करोड़ का ईपीओ जारी हुआ है किसानो के खाते में पैसे आने में अभी 2 से 3 दिन का समय और लग सकता है। भुगतान में देरी किए गए कारण के बारे में कहा कि जिले में खरीदी करने वाली कम्पनी एनसीसीएफ के द्वारा धान का उठाव अभी तक नही किया जा रहा है जिसकी वजह से किसानो को उनके धान का मूल्य अभी तक नही मिला है।
आज से स्वसहायता केन्द्र एक्टिव
विगत दिनो जिले के किसानो ने लामबंद होकर अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली से यह मांग की थी कि अनूपपुर में खरीदी केन्द्रो की संख्या बढ़ाई जाए। सन् 2023 में खरीदी केन्द्रो की संख्या 34 थी जबकि 3 दिसम्बर 2024 से अब तक सिर्फ 24 केन्द्रो में ही धान खरीदी जा रही थी जिससे किसानो को धान बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। बताया जा रहा है कि स्वसहायता केन्द्रो में पहले स्लाॅट बुक नही हो पा रहा था। किन्तु अब सारे स्वसहायता केन्द्र एक्टिव हो गए है। आज से जिले में सभी 34 धान खरीदी केन्द्रो में धान की खरीदी होने की संभावना है।
अब तक 20 प्रतिषत हुई खरीदी
जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार वर्ष 2024 के धान खरीदी केन्द्रो में धान बेचने के लिए 21 हजार 3 सौ 75 किसानो ने पंजीयन कराया है जिससे अनुमानित साढ़े दस लाख क्विंटल धान उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है अब तक लक्ष्य का लगभग 20 प्रतिषत के आसपास धान की खरीदी हो चुकी है।अधिकारी ने बताया कि जिले के धान खरीदी केन्द्रो में 2 लाख 70 हजार क्विंटल से अधिक धान का उपार्जन किया जा चुका है।
नही हो रहा धान का उठाव
जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रो में लगभग 2 लाख 70 हजार क्विंटल से अधिक धान खरीदी गई है। इनका भंडारण खुले आसमान के नीचे ही किया गया है जो कि असुरक्षित है। धान उठाव के लिए अधिकृत कम्पनी एपसीसीएफ द्वारा धान उठाव में लापरवाही बरती जा रही ळै जिसके परिणाम स्वरूप् किसानो का उनकी फसल के मूल्य का भुगतान नही हो पा रहा है। तो दूसरी तरफ उन सरकारी दावो की पोल खोलती है जिसमें यह कहा जा रहा था कि इस बार धान खरीदी केन्द्रो में त्वरित भुगतान की सुविधा होगी।
10 प्रतिषत अधिक उपार्जन का लक्ष्य
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि 2023 की तुलना में इस बार 10 प्रतिषत से अधिक किसानो ने धान उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है पिछली बार धान उपार्जन का लक्ष्य 9 लाख 46 हजार क्विंटल का था इस बार किसानो की संख्या में इजाफा को देखते हुए लगभग 10 लाख 50 हजार क्विटंल के लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। इस बार धान की खरीदी 2 स्तरो पर की जा रही है। पहला समिति स्तर और दूसरा कम्पनी के माध्यम से जिला प्रषासन ने जिले के 22 मिलरो से अनुबंध किया है। जिसके माध्यम से समिति स्तरीय खरीदी के धान के उठाव का कार्य शुरू हो गया है। जबकि कम्पनी स्तर पर धान का उठाव नही हुआ है।


