भास्कर न्यूज | गेवरा-दीपका एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में असंगठित पत्थर खदानों में काम करने वाले खनिकों के लिए सिलिकोसिस परीक्षण शिविर लगाया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ सिलिकोसिस परीक्षण बोर्ड के डॉक्टरों ने 27 खनिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर का शुभारंभ खान सुरक्षा निदेशक (खनन) बिलासपुर रिजन-1 मुकेश कुमार सिन्हा ने किया। उनके साथ गेवरा परियोजना के महाप्रबंधक (खनन) अशोक कुमार, एनसीएच गेवरा क्षेत्र के मुख्य चिकित्सा सेवाएं डॉ. कल्याण सरकार, एनओएचएससी भिलाई स्टील प्लांट (सेल) के सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शील कमल ठाकुर, ओएचएस एनएमडीसी बीआईओएम किरंदुल कॉम्प्लेक्स के संयुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामकृष्ण कुम्भकार, ईएसआईसी रायपुर के आईएएनओ ग्रेड-2 डॉ. मंजूर बडगी, कोरबा जिले के माइनिंग इंस्पेक्टर खिलावन, दिलीप विल्डकॉन स्टोन खदान के प्रभारी राजेश दुबे, डॉ. पवन कुमार, डॉ. अशोक सिंह, एनसीएच गेवरा क्षेत्र के एससी त्रिपाठी, क्षेत्रीय खान सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान खान महानिदेशक मुकेश कुमार सिन्हा ने पीपीटी के माध्यम से खनिकों को सिलिकोसिस बीमारी के कारण और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धूल के लगातार संपर्क में रहने से यह बीमारी होती है। इससे बचने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए।


