शहर सीमा के आस-पास के गांवों को नगर निगम क्षेत्र में जोड़ने का विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कानपुर गांव से जुड़ा है। जहां ग्रामीणों ने गांव को निगम क्षेत्र में शामिल करने के विरोध में शुक्रवार की रात में एक बैठक की। इसमें गांव को निगम सीमा में शामिल करने के विरोध में 7 अप्रैल दिन सोमवार को गांव के 400 से अधिक प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया। इसके बाद, जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो कानपुर, कलड़वास, पाराखेत, खरबड़िया, मटून, भाईयों की पचोली, जिंक स्मेल्टर, गोवला सहित 12 गांव उग्र प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे गांव की भौगोलिक, सांस्कृतिक और पारिस्थितिकीय विशेषताओं को बचाने के लिए नगर निगम क्षेत्र में नहीं जुड़ना चाहते। इसके खिलाफ वे पहले भी आपत्तियां और ज्ञापन दे चुके हैं। ग्रामीणों ने कहा, यहां उनकी बात नहीं सुनी गई तो जयपुर जाकर मुख्यमंत्री के सामने प्रदर्शन करेंगे। बैठक में पूर्व उपसरपंच मदनलाल डांगी, नारायण लाल डांगी, सुरेश शेरावत, लोकेश पटेल, शांतिलाल डांगी, भेरुलाल डांगी, गणेश लाल मेनारिया, ओंकार लाल मेनारिया, किशन वागावत, प्रवीण वातडा, निर्मल पटेल, पन्नालाल मेघवाल, रोड़ीलाल सुथार और महेंद्र जैन समेत अन्य लोग मौजूद थे।


