मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव शुक्रवार को सुसनेर के ग्राम पालड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने 880 मेगावाट आगर-नीमच सौर परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस परियोजना में आगर-मालवा जिले की 550 मेगावाट क्षमता और नीमच जिले की 330 मेगावाट क्षमता सौर परियोजना शामिल है। 42.32 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण सीएम ने 42.32 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। साथ ही 6.49 करोड़ लागत के विभिन्न विकास कार्यो का भूमिपूजन भी किया। उन्होंने मंच से झालावाड़-उज्जैन रेल लाइन को लेकर कहा कि जल्द ही रेलवे लाइन की सौगात मिलने वाली है। इसे नलखेड़ा मां बगलामुखी तक जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को सरकार की तरफ से सोलर पंप देने की बात भी कही और बताया कि पहले 1 लाख किसानों को यह पंप दिए जाएंगे। गौ-पूजन कार्यक्रम हुआ रद्द मुख्यमंत्री सुसनेर विधानसभा के डोंगरगांव में बनी संत कमल किशोर नागर गौ-शाला पहुंचकर गौ-पूजन करने भी जाने वाले थे। लेकिन समय कम होनने गौपूजन कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है। सीएम का किया गया स्वागत मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचने पर भाजपा जिलाध्यक्ष चिंतामन राठौर और आगर विधायक मधु गहलोत सहित भाजपा जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। इस दौरान नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान भी मौजूद रहे। सीएम बोले- झालावाड़-उज्जैन रेल लाइन भी आपको देने वाले हैं सीएम ने कहा, आगर-सुसनेर वाले सुन लेना मैंने अश्विनी वैष्णव जी के माध्यम से सरकार के माध्यम से आह्वान किया है कि झालावाड़-उज्जैन रेल लाइन भी आपको देने वाले हैं। आपको यह रेल की सौगात मिलने के लिए क्षेत्र के एक-एक स्थान के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। हर एक स्थान का भला होना चाहिए और मध्य प्रदेश में रेल वैसे ही सेंटर में है उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम सबको इसका लाभ मिलता है। ऐसे में यह चीज क्यों नहीं मिलना चाहिए। अभी मुझे बताया गया कि बगलामुखी भी जुड़वा देना। जरूर जुड़वाएंगे भाई माता बगलामुखी के स्थान पे क्यों नहीं जुड़वाएंगे। उनके लिए क्या परेशानी आ सकती है। किसानों को सोलर पंप देने की बात कही हमारे किसान बैठे हैं यहां हमारे किसान के लिए सरकार के माध्यम से आज हमारी बिजली को लेकर के आने वाले समय में हमने संकल्प किया है कि धीरे-धीरे करके अभी किसान को हमारे सोलर पंप अपनी तरफ से देकर के आपके अपने कुएं पर खुद की बिजली खुद और अपने खेत में खेती करो काहे का बिजली का बिल दो काहे का झंझट। लेकिन अभी एक लाख पंप हम देने वाले हैं। उनको जो टेंपरेरी कनेक्शन लेते हैं और इसके पीछे भाव यह है कि आपको भी जो अपने बिजली के लिए बार-बार कभी लाइन की झंझट कभी ट्रांसफॉर्मर की झंझट कभी सप्लाई का चक्कर और हमारे लिए भी 5 हॉर्स पावर के कनेक्शन पर आप देते हो 7 हजार 500 रुपया साल का 53000 हम को मिलाना पड़ता है। सरकार को आप साढ़े सात हजार रुपए मिलाते हो और 53000 रुपए एक-एक पांच हार्स पावर के कनेक्शन पर सरकार का 53000 रुपए लगता है। अब आप बताओ आपको बिजली कितनी सस्ती दे रहे हैं। लेकिन हमारा तो प्रयास है आने वाले 3 साल में किसी भी किसान को यह सात हजार रूपए भी न देना पड़े और सब सोलर पंप से अपनी बिजली खुद उत्पन्न करें। इस दिशा में हम आगे बढ़ रहे किसान के हाथ में अगर दो पैसे आए तो वह बेहतर ही करता है।


