जिला महिला एवं बाल हॉस्पिटल में आज को एक प्रसूता के परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। नॉर्मल डिलीवरी के लिए सुबह एडमिट की प्रसूता को अचानक उदयपुर रेफर करने की बात पर परिजन बिफर गए। हंगामा होता देख सीनियर डॉक्टर हॉस्पिटल पहुंची और ऑपरेशन किया। वहीं डॉक्टर दीप्ति श्रीवास्तव का कहना है कि महिला को अचानक ब्लीडिंग शुरू हो गई थी जिसके कारण उदयपुर रेफर करने का सजेशन दिया था। क्रिटिकल सिचुएशन बता कर उदयपुर रेफर की बात पर बिफरे परिजन चित्तौड़गढ़ के महिला एवं बाल चिकित्सालय में प्रसूता रिया पत्नी भास्कर सुखवाल को डिलीवरी के लिए सुबह करीब 7:30 बजे एडमिट करवाया गया। प्रसूता की बड़ी बहन रुचि पुरोहित ने बताया कि रिया सुखवाल अपने पति के साथ गुजरात के बड़ौदा में रहती है। डिलीवरी से एक महीना पहले ही वह पीहर आई थी। रविवार की उसकी डिलीवरी की ड्यू डेट थी। एडमिट करवाने के बाद डॉक्टर ने नॉर्मल डिलीवरी की बात कही। इसके पास अचानक लगभग 2 बजे नर्स ने आकर कहा कि डॉक्टर प्रियंका ने कहा है की पेशेंट को उदयपुर रैफर करना होगा। पेशेंट के अचानक ब्लीडिंग शुरू हो गई है और उसे व्हाइट ब्लड, रेड ब्लड की जरूरत होगी। परिजनों का कहना है कि यह समस्या अचानक से कैसे आई। इस बारे में कोई भी जानकारी किसी भी डॉक्टर ने नहीं दी। प्रसूता की क्रिटिकल हालत का हवाला देते हुए उदयपुर रेफर करने की बात कह दी। डॉक्टर बोली – ब्लीडिंग शुरू हो गई थी, उचित राय दी गई उसके बाद लगातार डॉक्टर दीप्ति श्रीवास्तव को कांटेक्ट करने की कोशिश की लेकिन ना तो उन्होंने फोन अटेंड किया और ना ही वे हॉस्पिटल आईं। कई बार उनके स्टाफ ने भी फोन किया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं आया। इधर, हंगामा बढ़ने के बाद करीब तीन बजे डॉक्टर अस्पताल पहुंची। मौके पर थाना पुलिस जाब्ता भी पहुंचा। डॉक्टर के पहुंचने के बाद ऑपरेशन हुआ और सुरक्षित डिलीवरी हो गई। डॉक्टर दीप्ति श्रीवास्तव ने बताया कि महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। ऐसे में उचित था कि उसे उदयपुर रेफर कर दिया जाए। ऐसे पेशेंट को किडनी में प्रॉब्लम भी हो सकती थी इसलिए उन्हें सिर्फ सजेशन दिया गया था।


