छतरपुर में रामनवमी महोत्सव का आयोजन भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे गल्लामंडी स्थित रामचरित मानस मैदान में भारतमाता की आरती से हुई। इसके बाद भव्य रामलीला का मंचन किया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे भगवान श्रीराम के जन्म की लीला हुई। श्रद्धालुओं ने रामस्तुति गाकर भगवान का स्वागत किया। शोभायात्रा में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां शामिल थीं। मौनिया नृत्य करते दिवारी दल पूरे नगर में यात्रा के साथ चले। मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयकारों से स्वागत किया। यात्रा में पारंपरिक कला का प्रदर्शन हुआ। डमरू, तलवार, झांझ, कटार से लेकर मलखंभ और कराटे तक की प्रस्तुतियां दी गईं। विशेष रूप से मलखंभ और कराटे की टीमों ने युवाओं को प्रभावित किया। प्रताप नवयुवक संघ के सदस्य प्रदीप सेन के अनुसार, इस बार 1100 महिलाओं ने शोभायात्रा में हिस्सा लिया। उन्होंने यात्रा को धार्मिक और सामाजिक संदेश से जोड़ा। डीआईजी ललित शाक्यवार ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम से यात्रा की निगरानी की। पुलिस, होमगार्ड और विद्यार्थी परिषद के वॉलंटियर्स की मदद से यात्रा शांतिपूर्ण रही। शोभायात्रा रामलीला मैदान से शुरू होकर गांधी चौक, कोतवाली, महल तिराहा होते हुए छत्रसाल चौराहा पहुंची। यहां पन्ना रोड और सागर रोड की झांकियां जुड़ीं। फिर आकाशवाणी तिराहे, बस स्टैंड, हटवारा चौक होते हुए रामलीला मैदान पर समाप्त हुई। देखें तस्वीरें…


