भारत के पूर्व कप्तान और आईपीएल के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक महेंद्र सिंह धौनी ने साफ कर दिया है कि वे अभी क्रिकेट मैदान को अलविदा नहीं कह रहे। मशहूर यूट्यूबर राज शमानी के साथ अपने पहले पॉडकास्ट में ‘कैप्टन कूल’ ने कहा कि वे अपने करियर को साल-दर-साल देखते हैं। पांच बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाले धौनी ने बताया, ‘मैं अभी आईपीएल खेल रहा हूं और इसे साल में एक बार देखता हूं। मैं 43 साल का हूं। इस आईपीएल सीजन के खत्म होने तक, जुलाई में मैं 44 का हो जाऊंगा। मेरे पास 10 महीने होंगे यह तय करने के लिए कि क्या मैं एक और साल खेलना चाहता हूं। यह मेरा शरीर बताएगा कि मैं खेल सकता हूं या नहीं। अगर शरीर साथ देगा, तो मैदान पर रहूंगा, वरना नहीं।’ संन्यास का सवाल, क्योंकि फिनिश करने में फेल हो रहे धौनी की यह बातचीत कुछ समय के लिए उनके संन्यास की अटकलों पर विराम लगा सकती है। शनिवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में धौनी का पूरा परिवार स्टेडियम में मौजूद था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके संन्यास की चर्चा तेज हो गई थी। इस सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स टीम अपने पहले चार में से सिर्फ एक मैच जीत सकी है। कभी फिनिशर के तौर पर मशहूर धौनी के रहते हुए भी टीम 2021 के बाद से 175 से ज्यादा रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई है। दिल्ली के खिलाफ धौनी 11वें ओवर में बल्लेबाजी के लिए आए और 26 गेंदों में 30 रन बनाए, लेकिन टीम 25 रन से हार गई। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए धौनी ने 11 गेंदों में 16 रन बनाए, पर टीम 7 रन से चूक गई। {आरसीबी के खिलाफ 50 रन की हार में धौनी के 16 गेंदों में 30* रन नाकाफी रहे। उस मैच में अश्विन से नीचे बल्लेबाजी करने के लिए उन्हें आलोचना भी झेलनी पड़ी। हालांकि, दिल्ली के खिलाफ 11वें ओवर में क्रीज पर आना 2023 के बाद चेन्नई के लिए उनकी सबसे जल्दी बल्लेबाजी थी। लॉन्च किया ऐप, ताकि फैंस करीब रहें शमानी के साथ धौनी की 53 मिनट लंबी बातचीत उनके नए ऐप ‘धौनी’ पर उपलब्ध है। धौनी ने बताया कि इस ऐप से फैंस के उनकी जिंदगी को करीब से जानेंगे। धौनी ने कहा- मेरे पास मोटरबाइक, परिवार और छोटी-छोटी चीजें हैं। इस ऐप से मैं उन्हें यह सब दिखा सकता हूं। इसमें मेरी जिंदगी की झलक होगी- मैच के बाद क्या करता हूं, बाइक कैसे चलाता हूं। यह मुझे मिले प्यार के बदले में फैंस के लिए तोहफा है।पॉडकास्ट में धौनी की वो बातें, जिनमें जिंदगी के सबक नेतृत्व : ‘फैसले लेते वक्त ईमानदार रहना जरूरी है। 50-50 हालात में निर्णय न लेने से बेहतर है कि कोई फैसला ले लो। सही-गलत बाद में पता चलता है, लेकिन उस वक्त जो सही लगे, वही करो। पब्लिक को खुश करने के लिए फैसले मत लो। टीम को लीड करने के लिए पहले खुद को लीड करना पड़ता है।’अनुशासन : ‘मैंने बचपन में सालों तक एक ही रूटीन फॉलो किया। सुबह उठो, पढ़ाई करो, खेलो, सो जाओ। कोई नियम नहीं बनाए, बस काम पर ध्यान दिया। इससे जिंदगी में असुरक्षा का भाव कभी नहीं आया।’ सादगी में मजा : ‘हम रांची में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते थे। ज्यादा सुविधाएं नहीं थीं। कई बार गेंद दीवार के पार चली जाती थी, लेकिन उसे लाने की हिम्मत नहीं होती थी। पिताजी को पता चलता, तो डांट पड़ती। हम चुपचाप दूसरी गेंद ढूंढते थे। उस सादगी में मजा था।’डर पर काबू: धौनी ने कहा- डर सबको लगता है। प्रेशर में सांस तेज हो जाती है, दिल की धड़कन बढ़ जाती है। मैं लंबी सांस लेने की तकनीक अपनाता हूं। सांस धीमी करो, धड़कन को काबू करो। मैं बहादुर बनना चाहता हूं।


