स्वर साधना संस्था की ओर से स्वर्गीय अतुल माथुर की स्मृति में जवाहर कला केंद्र में ‘गजल के रंग, रिदम के संग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें गायक-गायिकाओं ने संगीतकार मदन मोहन की गजलों और ओ. पी. नैयर के गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। याशी काशी ने ‘हुजूर-ए-आला’ की शानदार प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसके बाद प्रीति जोशी ने ‘वो चुप रहें तो’, स्वप्ना जैन ने ‘बैंया ना धरो’, समीर सेन ने ‘मैं निगाहें तेरे चेहरे से’, अटल शर्मा ने ‘जरूरत है जरूरत है’ गाने को पेश किया। निशा शर्मा ने ‘आईये मेहरबां’, अम्बे माथुर ने ‘ये माना मेरी जान’, जेपी रामावत ने ‘तेरी आँखों के सिवा’, सूबे सिंह ने ‘मेरी याद में तुम ना’ जैसे गीतों से माहौल भावविभोर कर दिया। श्वेता मिश्रा, प्रज्ञा और शुभा की प्रस्तुतियां भी सराही गईं। कार्यक्रम के दौरान सुधीर शर्मा ने ‘जानम देख लो’ गाकर अतुल माथुर को श्रद्धांजलि दी, वहीं, धर्मेन्द्र उपाध्याय ने ‘मेरे देश की धरती’ प्रस्तुत कर अभिनेता मनोज कुमार को याद किया। पूर्वा राणावत और सुधीर शर्मा ने सशक्त मंच संचालन किया और श्रोताओं ने तालियों से कलाकारों का भरपूर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में नरेंद्र मेहता ने सभी का आभार जताया।


