BJP ‌विधायक के भाई और बेटे पर FIR:जानलेवा हमला, नाके पर आग लगाने का आरोप; रॉयल्टी ठेकेदार से 3 अप्रैल को हुई थी झड़प

जैसलमेर में भाजपा विधायक छोटू सिंह भाटी के परिवार और रॉयल्टी ठेकेदार शैतान सिंह के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। रॉयल्टी ठेकेदार के भाई ने विधायक के भाई नखत सिंह, बेटे भवानी सिंह और भतीजे गिरधर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह मामला 3 अप्रैल को रॉयल्टी विवाद को लेकर हुई झड़प से जुड़ा है। पहले विधायक के परिवार ने रॉयल्टी ठेकेदार शैतान सिंह पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को ठेकेदार पक्ष के 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद शैतान सिंह सहित 5 आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा गया, जबकि 21 अन्य को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब 6 अप्रैल को ठेकेदार ने क्रॉस केस दर्ज कराया है। एफआईआर में ठेकेदार का आरोप है कि विधायक के परिवार की ओर से पहले हमला किया गया था। रिपोर्ट में विधायक के बेटे, भाई और भतीजे पर जानलेवा हमला करने, पैसे लूटने व नाके पर आग लगाने के आरोप लगाए गए हैं। एसपी सुधीर चौधरी का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। विवाद पर पुलिस ने क्या कहा.. ठेकेदार ने की रेंज आईजी से शिकायत, क्रॉस केस दर्ज
ठेकेदार शैतान सिंह के भाई विक्रम सिंह ने जोधपुर रेंज आईजी को शिकायत दी। इस शिकायत के आधार पर रविवार रात सदर थाना (जैसलमेर) में मामला दर्ज किया गया। रिपोर्ट में विधायक के बेटे, भाई और भतीजे पर जानलेवा हमला करने, पैसे लूटने व नाके पर आग लगाने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। मेसेनरी स्टोन रॉयल्टी को लेकर है विवाद
जैसलमेर के खनन विभाग में रॉयल्टी वसूली का सालाना ठेका 5 करोड़ 5 लाख रुपए में हुआ है। ये मेसर्स दुर्गा टिम्बर ने लिया है। ठेकेदार ने 2 साल के लिए ठेका लिया है। ठेकेदार एसोसिएशन जैसलमेर ने रॉयल्टी ठेकेदार की ओर से स्थानीय ठेकेदारों से चर्चा करने के बाद प्रति टन रॉयल्टी ठेका तय करने को कहा था। लेकिन इस ठेकेदार द्वारा बिना स्थानीय ठेकेदारों व ट्रक संचालकों के साथ मीटिंग करते हुए अधिकतम रॉयल्टी की दर तय कर दी गई। ठेकेदार एसोसिएशन के संरक्षक व स्थानीय बीजेपी विधायक छोटू सिंह भाटी के भाई नखत सिंह ने बताया- रॉयल्टी ठेकेदार द्वारा सभी ट्रक संचालकों से 40 रुपए प्रति टन के हिसाब से रॉयल्टी की वसूली की जा रही है। 3 अप्रैल को काहला फांटे पर रॉयल्टी ठेकेदार द्वारा जो भी ट्रक रोके गए थे। वे सभी अंडर लोड थे, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार के लोगों द्वारा ट्रकों को रुकवा दिया गया था। रॉयल्टी ठेकेदार द्वारा प्रति गाड़ी 3 हजार से 3500 रुपए की वसूली की जा रही है। जबकि पूर्व में प्रति गाड़ी की दर 900 रुपए तय की हुई थी।

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