भास्कर न्यूज|लुधियाना सिविल अस्पताल लुधियाना में इलाज करवाने आए मरीजों को सरकारी फार्मेसी से पूरी दवाएं नहीं मिल रहीं। हालत यह है कि पर्चियों में लिखी गईं पांच में से दो या तीन दवाइयां ही दी जा रही हैं, बाकी मरीजों को मजबूरी में बाहर की दुकानों से खरीदनी पड़ रही हैं। सोमवार को अस्पताल परिसर में स्थित जनऔषधि केंद्र भी बंद रहा, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। दैनिक भास्कर के प्रतिनिधि ने अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों से बातचीत की और उनकी पर्चियों की जांच की। इसमें सामने आया कि किसी को 3 में से सिर्फ एक दवाई मिली तो किसी को दो में से कोई एक। मरीजों का कहना है कि पहले तो डॉक्टर से पर्ची बनवाने के लिए लाइन लगती है, फिर दवाई काउंटर पर, और अंत में हाथ लगती है अधूरी दवाई। जब फार्मेसी से पूछा जाता है तो जवाब मिलता है- अभी यही दवाइयां हैं, बाकी नहीं हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि फार्मेसी में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है और कोई कमी नहीं है। लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। सबसे बड़ी परेशानी सोमवार को देखने को मिली, जब अस्पताल परिसर का जनऔषधि केंद्र ही बंद रहा। आमतौर पर यहां से कुछ महंगी और जरूरी दवाएं मरीजों को कम कीमत में मिल जाती हैं, लेकिन इस बार वहां भी ताला लगा मिला। जब इस बारे में अस्पताल प्रबंधन से सवाल किया गया तो जनऔषधि केंद्र के बंद होने को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। मेरा पैर मुड़ जाने के कारण दर्द रह रहा था। इसकी जांच के लिए पहुंचा था। डॉक्टर ने 4 दवाइयां और एक हीट पैड खरीदने को कहा, लेकिन फार्मेसी में मौजूद कर्मचारी ने जैल और हीट पैड खत्म होने की बात कही है और बाजार से खरीदने को कह दिया है। – रोहताश, निवासी शिमलापुरी ^हम फार्मेसी में डॉक्टरों द्वारा बताई गई सारी दवाइयों को मरीजों तक उपलब्ध करवाते हैं और फार्मासिस्ट द्वारा दवाइयों की मात्रा के अनुसार उनको अस्पताल में पूरा किया जाता है। – डॉ. हरप्रीत सिंह, एसएमओ आंख में दर्द रहने के कारण अस्पताल में अपना इलाज करवाने आई थी। डॉक्टर ने 2 दवाइयां लिखकर दी है। इसमें से एक दवाई मिली और एक नहीं मिली। यह दवाई जब जन औषधि में लेने के लिए गई तो पता लगा कि जन औषधि केंद्र भी बंद है। सरकारी फार्मेसी ने बाहर दुकानों से मिल जाएगी कहकर वापस मोड़ दिया।- नीतू, निवासी प्रेम नगर हमारे पास हर दवाई का पूरा स्टॉक है। मरीजों की पर्ची पर लिखी हर दवाई इस फार्मेसी में उपलब्ध है। – अभिषेक, फार्मासिस्ट


