वायरल फीवर, डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़े, अधिकतर में टायफाइड की पुष्टि

तेज धूप और दिन भर गर्म हवा चलने से गर्मी तेजी से बढ़ रही है। इसके कारण लोग बीमार भी पड़ने शुरू हो गए हैं। रिम्स व सदर अस्पताल की ओपीडी में गर्मी के कारण बीमार होकर काफी मरीज पहुंच रहे हैं। मौसम परिवर्तन के कारण बीमार पड़ने वाले रोगियों की संख्या में करीब 25% तक बढ़ोतरी हुई है। 15 दिन पहले तक जहां प्रतिदिन रिम्स व सदर में 270 से 280 के करीब मरीज पहुंचते थे, अब लगभग 350 मरीज हर दिन पहुंच रहे हैं। मेडिसिन और चाइल्ड ओपीडी में इन दिनों सबसे ज्यादा वायरल फीवर, डिहाइड्रेशन, गले में इंफेक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जांच कराने के बाद अधिकतर मरीजों में टायफायड की पुष्टि हो रही है। रिम्स व सदर ओपीडी : इन बीमारियों के लक्षण लेकर रोज पहुंच रहे मरीज 1. टाइफाइड संख्या : लगभग 60-70 मरीज लक्षण : लगातार तेज बुखार, पेट दर्द, कमजोरी, उल्टी कारण: दूषित पानी, खान-पान, गर्मी में भोजन जल्दी खराब होना। एक्सपर्ट की सलाह : कैसे करें बचाव पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं : दिनभर पानी व तरल पदार्थ भरपूर मात्रा में पीएं, भले ही प्यास न लगी हो। हल्के और ढीले कपड़े पहनें : हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़े पहनें, शरीर को ठंडा रखें। सीधे सूर्य के प्रकाश से बचें : दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस समय सूर्य की किरणें सबसे तीव्र होती हैं। संतुलित आहार लें : हल्का व संतुलित आहार लें, जिसमें फलों-सब्जियों की मात्रा अधिक हो। ओआरएस का सेवन करें : डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ओआरएस या नमक- चीनी के घोल का सेवन करें। विश्राम करें : थकान महसूस होने पर तुरंत विश्राम करें, अत्यधिक शारीरिक गतिविधियों से बचें। डॉ. बी. कुमार, फिजिशियन, रिम्स हीट वेव से बीमार होने वालों के लिए बेड आरक्षित इधर, बढ़ती गर्मी और हीट वेव के मद्देनजर रिम्स और सदर अस्पताल ने संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। दोनों अस्पतालों ने वार्डों में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए हैं और हीट वेव से प्रभावित मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग भी बढ़ते तापमान के कारण बीमार होने वालों की संख्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही एडवाइजरी जारी करने की तैयारी में है। . ब्लड प्रेशर और हार्ट से जुड़ी समस्या (बुजुर्ग लोगों में) संख्या : 30-40 मरीज लक्षण: बीपी फ्लक्चुएशन, सांस लेने में परेशानी, कारण: ब्लड प्रेशर बढ़ना या घटना, स्ट्रेस। . डिहाइड्रेशन संख्या : करीब 30-40 मरीज लक्षण : चक्कर आना, थकान, पेशाब कम होना, मुंह सूखना कारण : धूप में अधिक रहना, पसीना आना, कम पानी पीना। . स्किन एलर्जी और रैशेस संख्या : 15-20 मरीज लक्षण : खुजली, लाल दाने, पसीने की जलन कारण : अत्यधिक गर्मी, पसीना रुकना, हाइजीन की कमी। . गले में संक्रमण संख्या : लगभग 40-50 मरीज लक्षण : गले में खराश, बोलने में दर्द, सूजन। कारण : ठंडा और गर्म पानी एक साथ पीना, लगातार ठंडे पेय का सेवन। . सिर दर्द और चक्कर आना संख्या : 30-35 मरीज लक्षण : लगातार सिर भारी रहना, उलझन, चक्कर कारण : लू लगना, अधिक तापमान, शारीरिक थकावट। . बुखार (वायरल/ सामान्य) संख्या : 40-50 मरीज, लक्षण : शरीर में दर्द, कंपकंपी, तेज तापमान, कारण : हीट वेव के प्रभाव से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना

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