भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ कार्यरत ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर बीकानेर सहित पूरे राजस्थान में गहराता जा रहा है। चौथे दिन भी हड़ताल जारी रहने से जिले में रसोई गैस की सप्लाई लगभग 50% तक घट गई है। इससे न केवल घरेलू उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं बल्कि गैस एजेंसियों की होम डिलीवरी सेवाएं भी ठप पड़ गई हैं। बीकानेर जिले में कार्यरत 26 ट्रांसपोर्टरों ने बीपीसीएल अधिकारियों को समय-समय पर अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन समाधान न मिलने से वे गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर हो गए। पब्लिक हित में चेतावनी यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया, तो बीकानेर सहित पूरे क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडरों की गम्भीर किल्लत हो सकती है। प्रशासन और बीपीसीएल को इस संवेदनशील मसले पर शीघ्रता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि एक ओर ट्रांसपोर्टरों की मांगें सुनी जा सकें और दूसरी ओर आमजन की आवश्यकताएं पूरी होती रहें।प्रदीप गैना, अध्यक्ष एलपीजी ट्रक यूनियन ट्रांसपोर्टरों की मुख्य शिकायतें प्रशासनिक संवाद अधूरा हालांकि जिला प्रशासन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टरों से एक दौर की बातचीत की थी, लेकिन उसके बाद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। जिससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी और स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है। बता दें बीकानेर में रोजाना औसतन 60 गैस ट्रकों की आवाजाही होती है, जिनमें से आधी से ज्यादा गाड़ियां स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की होती हैं। हड़ताल के चलते यह सप्लाई ठप हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में सिलेंडर नहीं मिलने की आशंका है। एजेंसियों के स्टॉक खत्म होने की कगार पर हैं और कुछ ने पहले ही बुकिंग लेना बंद कर दिया है।


