भास्कर न्यूज | राजनांदगांव केंद्र सरकार ने जिले के परमालकसा स्टेशन तक पांचवी और छठी रेल लाइन के लिए स्वीकृति दे दी है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 8741 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। प्रोजेक्ट का सर्वे कार्य पहले भी पूरा किया जा चुका है। अब राशि स्वीकृत होने के साथ प्रोजेक्ट का काम शुरू होगा। पांचवी और छठवीं रेल लाइन खरसिया से नवा रायपुर होते हुए परमाल कसा तक बिछेगी। इससे मुंबई-हावड़ा रुट पर ट्रेनों के हैवी ट्रैफिक की बड़ी समस्या खत्म होगी। नागपुर मंडल रेलवे ने बताया कि 278 किमी. रुट है। इसमें 21 स्टेशन शामिल होंगे। मुंबई-हावड़ा रुट रेलवे का बड़ा आर्थिक कॉरीडोर है। जिसमें बड़ी संख्या में मालगाड़ियों से माल परिवहन किया जाता है। इसके चलते इस रुट पर ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। इसका असर यात्री ट्रेनों की टाइमिंग और गति पर भी पड़ता है। लेकिन पांचवी और छठवीं लाइन के शुरु होते ही रुट पर ट्रैफिक दबाव कम हो जाएगा। इन लाइनों में माल गाड़ियों सहित 8 एक्सप्रेस, मेल और सेमी स्पीड ट्रेनों को भी शिफ्ट करने की तैयारी है। इससे इन ट्रेनों की गति बढ़ेगी और यात्रियों का समय बचेगा। रेलवे ने बताया कि इन दोनों लाइनों के शुरु होने के बाद रेलवे सालाना 22 करोड़ लीटर डीजल की बचत करेगा। यह रेलवे के लिए बड़ा बचत वाला प्रोजेक्ट साबित होने वाला है। इधर डोंगरगढ़ से उस्लापुर के लिए स्वीकृत रेलमार्ग का काम भी रफ्तार पकड़ने वाला है। इसे लेकर सांसद संतोष पांडेय ने संसद में मांग उठाई। प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार ने राशि स्वीकृत कर दी है। लेकिन जो निर्माण के लिए सामंजस्य की जो दिक्कतें शेष हैं, उसे भी जल्द दूर करने का दावा किया जा रहा है। राजनांदगांव सहित इन जिलों को होगा फायदा इस रेलवे परियोजना से राजनांदगांव सहित राज्य के रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, बलौदा बाज़ार, रायपुर और दुर्ग के लोगों को भी फायदा मिलेगा। परियोजना से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में जल्द गति आएगी। यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता और ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा मिलेगी। रेलवे ने दावा किया है कि प्रोजेक्ट के माध्यम से 113 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइ ऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी। जो 4.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। दोनों लाइन से 21 से 38 मिलियन टन तक परिवहन दोनों रेल लाइन माल परिवहन के लिए सबसे फायदेमंद साबित होने वाला है। नागपुर मंडल रेलवे ने बताया कि इन दोनों लाइन से 21 से लेकर 38 मिलियन टन माल का परिवहन किया जा सकेगा। जो रेलवे के लिए बड़ा फायदेमंद साबित होगा। इसके अलावा खरसिया से लेकर परमालकसा तक यात्री गाड़ियों को भी इन दोनों लाइन में शिफ्ट की जाएगी। इससे वर्तमान स्थिति की तुलना में ट्रेनें तेजी से अपने गंतव्य के लिए आगे बढ़ेंगी। जो यात्रियों का समय भी बचाएगी। बड़ी राहत मिलेगी।


