छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पंचायत सचिव शासकीयकरण की मांग को लेकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सचिवों ने धरना स्थल पर नगाड़ा और मंजीरा बजाकर सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास किया। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने मोदी की गारंटी के तहत शासकीयकरण का वादा किया था। सचिन मुकेश्वरी साहू ने बताया कि भाजपा सरकार को बने दो साल होने को हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सरकारी अधिकारी इस मुद्दे पर बात तक नहीं कर रहे हैं। 17 मार्च 2025 से हड़ताल पर बैठे सचिवों की स्थिति चिंताजनक है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने इस आंदोलन को दिल्ली तक ले जाने की बात कही है। फिलहाल बुधवार को वे रामायण पाठ करेंगे। न तो पेंशन, न ही कोई आर्थिक सहारा सचिव पन्नालाल सिन्हा के मुताबिक, कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ जल्द ही होने वाले हैं। 1995-96 से कम वेतन पर काम कर रहे इन सचिवों के पास न तो पेंशन है और न ही कोई अन्य आर्थिक सहारा। आंदोलन और तेज करने की चेतावनी प्रदर्शनकारी सचिवों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उनका कहना है कि वे जंतर-मंतर तक जाने को तैयार हैं। कल वे रामायण पाठ के माध्यम से अपना विरोध जारी रखेंगे।


