जोधपुर शहर के भीतरी क्षेत्र गुलाब सागर राजमहल स्कूल के पास सोमवार शाम गैस रिसाव के बाद लगी आग में एक मासूम बच्चे सहित दो की मौत हो गई थी और 14 प्रभावित हुए थे, उनको मुआवजे दिलाने की मांग करते हुए पीड़ित परिवार व रिश्तेदारों ने मंगलवार को एमजीएच मोर्चरी के बाहर रोष जताया। इसकी जानकारी मिलने पर यहां पहुंचे शहर विधायक अतुल भंसाली से भी पीड़ित परिवार को राहत दिलाने की मांग की। बाद में विधायक भंसाली व अधिकारियों ने उनसे समझाइश करते हुए इस संबंध में चल रही प्रक्रिया के बारे में भी बताया। तत्पश्चात पुलिस ने दोनों शव के पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए। दूसरी ओर आग से जर्जर हो चुकी बिल्डिंग को फिलहाल गिरने से रोकने के लिए निगम प्रशासन ने वैकल्पिक इंतजाम करते हुए अडाण, बल्लियां लगाई है। साथ ही एफएसएल विशेषज्ञों की टीम ने मौका मुआयना कर साक्ष्य संकलित किए हैं, ताकि घटनाक्रम के कारणों की तह तक पहुंचकर पूरी हकीकत सामने लाई जा सके। उल्लेखनीय गुलाब सागर राजमहल स्कूल से कुछ दूरी पर मियों की मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद सोहेल के माता-पिता 11 अप्रैल को उमराह के लिए जाने वाले थे। इससे पहले घर पर सोहेल की बहनों के लिए सोमवार दोपहर बाद खास दावत रखी गई थी। परिवार की महिलाएं घर के ग्राउंड फ्लोर पर खाना बना रही थी। जबकि, सोहेल घर में बाकी इंतजाम देख रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडर से रिसाव होने लगा और इसमें आग लग गई, जो कुछ ही देर में घर में रखे फर्नीचर बनाने के बाद बचे बुरादे व सूखी लकड़ियों तक फैल गई और सिलेंडर में धमाका हो गया। आग में सोहेल के डेढ़ वर्षीय पुत्र हुसैन की मौत दम घुटने से और साजिया (20) की झुलसने के कारण मौत हो गई। जबकि, सलीखा (13), सोहेल (26), सलमा (22), साइका (20), शाहिदा (38), सुहाना (19), मीनाज (37), फरीदा (48), साहिन (17), सुमाया (25) को एमजीएच भर्ती किया गया। वहीं, मेलिसा (डेढ़ साल) और ओवेश (3) को उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया। जर्जर मकान की तकनीकी जांच से तय होगा गिराने या नहीं गिराने का निर्णय आग की घटना के बाद मंगलवार को पुलिस ने एफएसएल विशेषज्ञों की टीम को भी मौका मुआयना के लिए बुलाया। इस टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य संकलित किए हैं। इनसे घटना के कारणों की तह तक पहुंचने में मदद मिलने की संभावना है। साथ ही जिस कंपनी का गैस सिलेंडर था, उस कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू की है। इसके अलावा, नगर निगम की टेक्निकल टीम भी बिल्डिंग की स्थिति की जांच करेगी। फिलहाल यह जर्जर हो चुकी बिल्डिंग गिरे नहीं, इसके लिए यहां अडाण-बल्लियां लगाई गई है। यहां किसी को भी आने-जाने की इजाजत भी नहीं दी जा रही है।


