चित्तौड़गढ़ में गर्मी का कहर जारी:दूसरे दिन भी पारा 45 डिग्री के पार, स्वास्थ विभाग ने जारी किया अलर्ट

चित्तौड़गढ़ जिले में गर्मी अपने चरम पर पहुंचती दिख रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 21.8 डिग्री पर रहा। यह लगातार दूसरा दिन है जब तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचा है। सोमवार को भी जिले का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री और न्यूनतम 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। ऐसे में मौसम विभाग ने जिले में हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बुधवार अलसुबह आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे। कुछ देर तक मौसम में हल्की नरमी नजर आई, लेकिन जैसे ही धूप निकली, बादलों ने आसमान छोड़ दिया और चिलचिलाती धूप ने फिर से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। लगातार बढ़ रहा तापमान, हीट वेव का असर पिछले कुछ दिनों से चित्तौड़गढ़ में तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे, लेकिन अब स्थिति गंभीर होती जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी खतरनाक मानी जा रही है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए। भीषण गर्मी के इस दौर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसे देखते हुए चिकित्सा विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला स्तर से लेकर खंड स्तर तक सभी चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को चित्तौड़गढ़ सहित दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों के लिए हीट वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि ज्यादा गर्मी के चलते लोगों को दिन में खास सावधानी बरतनी होगी। बाहर निकलते समय सिर को ढंकना, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक बताया गया है। रातें भी नहीं दे रहीं राहत गर्मी केवल दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रात में भी तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है। सोमवार रात न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री और मंगलवार रात 21.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि सामान्य औसत से काफी ऊपर है। गर्म हवाओं और उमस के कारण रातों में भी लोगों को पंखा और कूलर चलाने के बावजूद राहत नहीं मिल रही है। नींद में खलल पड़ रहा है और स्वास्थ्य पर भी असर देखा जा रहा है। 10-11 अप्रैल को मिल सकती है कुछ राहत मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दो दिनों में गर्मी से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। 10 और 11 अप्रैल को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिससे चित्तौड़गढ़ समेत कई जिलों में मौसम में बदलाव की संभावना है। इस सिस्टम के कारण दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या आंधी की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, यह राहत अल्पकालिक होगी क्योंकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के गुजरते ही फिर से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि इस थोड़ी राहत को स्थिर न समझा जाए, बल्कि सतर्कता बनाए रखी जाए। स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी जिले के प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि बढ़ते तापमान के चलते ओपीडी में रोगियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासकर लू और तापघात से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा संस्थानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। सभी सरकारी हॉस्पिटल्स, सीएचसी, पीएचसी और सब-सेंटर्स में लू और तापघात से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष बेड अलॉट किए गए हैं। साथ ही, ओपीडी को छायादार स्थानों पर संचालित करने, रोगियों को ठंडे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आइस पैक, कूलर, पंखे और जरूरत के अनुसार एयर कंडीशनर (AC) की व्यवस्था को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। दवाओं की कमी न हो, इसके लिए दवा वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों को मुख्यालय पर रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तत्पर रहने को कहा गया है। नियंत्रण कक्ष की स्थापना तापमान की निगरानी और शीघ्र कार्रवाई के उद्देश्य से जिला मुख्यालय के साथ-साथ खंड स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किए जा रहे हैं। इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से हॉस्पिटल की निगरानी की जाएगी और किसी भी प्रकार की समस्या की तुरंत सूचना और समाधान संभव होगा। गर्मी से बचाव के लिए सीएमएचओ की अपील जिला सीएमएचओ ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि भीषण गर्मी और लू से खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें। उन्होंने कहा कि दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच ज्यादा गर्मी होती है, ऐसे में इस समय घर से बाहर निकलने से बचें। लू से बचाव के लिए करें ये उपाय: 1. दिन में 11 बजे से शाम 5 बजे तक धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर को गीले कपड़े या टोपी से ढककर रखें। 2. अधिक से अधिक ठंडे पानी का सेवन करें। छाछ, दही, कच्ची केरी का पना, नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन करें। 3. मादक पदार्थों जैसे शराब आदि से दूरी बनाएं। 4. हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मैथी, टमाटर का सेवन करें और पूरी नींद लें। क्या न करें: 1. छोटे बच्चे और बुजुर्ग दोपहर के समय बाहर न निकलें। 2. धूप में वाहन चलाते समय चेहरे को ढंके बिना यात्रा न करें। लू और तापघात के लक्षण: 1. चक्कर आना, तेज सिरदर्द होना, उल्टी या दस्त की शिकायत। 2. पाचन तंत्र कमजोर पड़ना, अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ना। 3. घबराहट, शरीर में कपकपी होना। इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और पूरा इलाज करवाएं।

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