व्यापमं से होने वाली सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में इसी नियम से होगा चयन, रेलवे, एसएससी जैसी परीक्षाओं में पहले से यही व्यवस्था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पीएचई में 128 पदों पर सब इंजीनियर की भर्ती होने जा रही है। इसकी परीक्षा 27 अप्रैल को व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापमं) कराएगा। इस लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों के समान अंक यानी टाई होने पर नया फॉर्मूला लागू होगा। उम्मीदवार के नाम का पहला अक्षर सिलेक्शन कराने में मददगार साबित हो सकता है। अगर अंक समान हैं, तो जन्म तिथि को आधार मानकर वरीयता तय होगी। जिनकी जन्मतिथि पहले होगी, उन्हें वरीयता मिलेगी। इसी तरह अंक एवं उम्र समान होने की स्थिति में वरीयता अंग्रेजी के वर्णमाला(अल्फाबेट) के अनुसार निर्धारित की जाएगी। रेलवे और एसएससी में भी चयन के लिए लगभग यही फॉर्मूला अपनाया जाता है। दूसरी ओर, सीजी व्यापमं की ओर से सहायक विकास विस्तार अधिकारी यानी एडीईओ भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 2 मई तक फॉर्म भरे जाएंगे। कुल 200 पदों पर एडीईओ की भर्ती होगी। इसमें दो उम्मीदवारों के अंक समान होने पर जन्मतिथि को आधार बनाया जाएगा। जिनकी जन्म तिथि पहले होगी उन्हें वरीयता दी जाएगी। अल्फाबेट फार्मूला इसमें नहीं है। इन प्रतियोगी परीक्षाओं में टाइब्रेक का ऐसा नियम जेईई मेन में विषय में नंबर को बनाते हैं आधार: समान अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के बीच टाई होने पर जेईई मेन में यह फॉर्मूला अपनाया जाएगा। सबसे पहले मैथ्स में एनटीए स्कोर को आधार बनाकर रैंक में वरियता दी जाएगी। इसके बाद फिजिक्स का स्कोर देखा जाएगा। इसके बाद भी टाई होने पर केमिस्ट्री का एनटीए स्कोर देखा जाएगा। इसके बाद भी स्कोर समान होने की स्थिति में यह देखा जाएगा कि किन छात्रों ने ओवरऑल ज्यादा सही जवाब दिए हैं। रेलवे की ओर से भर्ती में टाइब्रेक पर : रेलवे की ओर से रेलवे की ओर से सितंबर 2024 में नॉन टेक्निकल पोपुलर कैटेगरी यानी एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल की वैकेंसी निकाली गई थी। इसमें चयन के लिए जो मापदंड निर्धारित किया गया था, उसके अनुसार दो या दो से अधिक से अधिक उम्मीदवारों को समान अंक प्राप्त होने की स्थिति में उनकी योग्यता का निर्धारण उम्र के आधार पर किया जाएगा,जिसकी अधिक उम्र होगी उन्हें वरीयता दी जाएगी। आयु भी समान होने की स्थिति में चयन के लिए अंग्रेजी वर्णमाला ए से जेड को आधार बनाया जाएगा। नीट में रैंक तय करने अल्फाबेट का फार्मूला नहीं: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) यूजी 2025 में दो या दो से अधिक छत्रों के अंक समान होने पर उनकी रैंक निर्धारित करने के लिए यह फार्मूला अपनाया जाएगा। ऐसे छात्र जिनके बायोलॉजी (बॉटनी एंड जूलॉजी) में ज्यादा मार्क्स आएंगे, उनका रैंक में ऊपर होगा। अगर इस फैक्टर से रैंक तय नहीं होता तो फिर केमिस्ट्री के मार्क्स देखे जाएंगे। केमिस्ट्री में जिसके ज्यादा मार्क्स आएंगे, उन्हें रैंक में वरियता मिलेगी। इसके बाद फिजिक्स के अंक देखे जाएंगे। जिन छात्रों के फिजिक्स में ज्यादा अंक आएंगे, उन्हें वरियता मिलेगी। इसके बाद भी यदि टाई होता है तो ऐसे छात्र जिन्होंने सही उत्तरों की तुलना में कम गलत जवाब लिखा होगा, उनकी रैंक ऊपर होगी। इसके बाद जिन छात्रों का बायोलॉजी (बॉटनी व जूलॉजी ) में अटेम्प्टेड गलत उत्तर और सही उत्तरों का अनुपात कम होगा, उसे ऊपर रखा जाएगा। इसके बाद भी टाई होने पर जिन उम्मीदवार का केमिस्ट्री में अटेम्प्टेड गलत उत्तर और सही उत्तरों का अनुपात कम होगा, उनकी रैंक ऊपर होगी। इसके बाद जिन छात्रों का फिजिक्स में अटेम्प्टेड गलत का प्रतिशत कम होगा उन्हें वरियता मिलेगी। अगर ये सात मानदंड लागू करने के बाद भी टाई की समस्या बनी रहती है तो विशेषज्ञ समिति के मार्गदर्शन में रैंडम प्रक्रिया से इसका हल निकाला जाएगा। एसएससी : परीक्षा में समान अंक हाेने पर चार मापदंड से फैसला : कर्मचारी चयन आयोग की ओर से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संगठनों, विभिन्न निकायों आदि में ग्रुप-बी और ग्रुप सी के लिए पिछले साल वैकेंसी निकाली गई थी। इसके लिए संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा 2024 आयोजित की गई। चयन के लिए कंप्यूटर आधारित दो परीक्षा, टियर-1 और टियर-2 आयोजित की गई। टियर-2 परीक्षा में टाइब्रेक होने की स्थिति में निपटारे के लिए यह फार्मूला अपनाया गया था। अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में कनिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी (जेएसओ)/ सांख्यिकीय अन्वेषक अधिकारी ग्रेड-2 के लिए टियर-2 के पेपर-2 में प्राप्तांक, यदि लागू हो। इसके बाद टियर-2 के पेपर-2 के खंड 1 में प्राप्त कुल अंक को आधार बनाकर वरीयता तय होगी। इसके बाद भी टाइब्रेक की स्थिति बनती है तो जन्मतिथि का आधार बनाया जाएगा, अधिक आयु वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। इसके बाद भी टाइब्रेक होता है तो वर्णानुक्रम जिसमें उम्मीदवारों का नाम आता है, इसके आधार पर वरीयता तय होगी। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. सुशील त्रिवेदी , रिटायर्ड आईएएस अंक और आयु समान होने की स्थिति में वर्णानुक्रम का फार्मूला उचित है। क्योंकि, टाइब्रेक होने पर निपटारे के लिए कोई न कोई फॉर्मूला अपनाना होगा। दोबारा परीक्षा लेने से प्रक्रिया लंबी हो जाएगी। चुनाव में वोट बराबर होने पर दोबारा मतदान नहीं होता। वहां भी सिक्का उछालकर या पर्ची निकालकर फैसला किया जाता है।


