हजारीबाग में रामनवमी का आयोजन पूरा हुआ। सोमवार की देर शाम झांकियों का प्रदर्शन शुरू हुआ जो मंगलवार की रात 3 बजे खत्म हुआ। जामा मस्जिद रोड में अंतिम झांकी रात 3 बजे गुजरी। डीसी नैंसी सहाय के नेतृत्व में हजारीबाग में यह चौथा रामनवमी आयोजन था। इस पूरे आयोग के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना या हंगामे का मामला सामने नहीं आया है। 36 घंटे तक चले इस आयोजन के दौरान कई तरह की झांकियां प्रदर्शित की गई। इस दौरान शस्त्र प्रदर्शन से लेकर लाठी भांजने जैसे करतब भी दिखाए गए। इसी शस्त्र प्रदर्शन और लाठी भांजने के दौरान 13 सौ के करीब लोग घायल हुए हैं। जिसमें कई लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में पहुंचे घायल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में घायलों का इलाज किया गया। रामनवमी के आयोजन की समाप्ति के बाद आज भी घायलों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी है। अस्पताल के सर्जन डॉ विक्रम ने बताया कि सोमवार को 350 लोगों का इलाज किया गया। शहर में लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में भी करीब 1000 लोगों को चिकित्सीय सहायता दी गई है। वहीं 35 गंभीर घायलों को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया है। दो लोगों को पेट में भुजाली से वार के कारण गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टर्स लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इसके अतिरिक्त दो अति गंभीर रूप से घायलों को रिम्स भेजा गया है। नैंसी सहाय के कार्यकाल का चौथा रामनवमी नैंसी सहाय के बतौर हजारीबाग उपायुक्त रहते यह चौथा आयोजन है, जब किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। रांची के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा ली और बीआईटी मेसरा से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक नैंसी ने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रशासनिक अधिकारियों की टीम वर्क की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही चार वर्षों तक हजारीबाग का विश्व प्रसिद्ध रामनवमी जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका।


