बिलासपुर के देवरीखुर्द में एक जमीन की दो बार रजिस्ट्री किए जाने का मामला सामने आया है। जरहाभाठा निवासी सौंखीलाल की देवरीखुर्द में खसरा नंबर 38/12 में 2400 वर्ग फुट जमीन है। उन्होंने यह जमीन 3 अक्टूबर 2008 को माया देवी से खरीदी थी। हालांकि, कुछ कारणों से वे नामांतरण नहीं करा पाए थे। कोरोनाकाल के दौरान जब वे घर से बाहर नहीं निकल रहे थे, प्रॉपर्टी डीलर ने फर्जी मुख्तयारनामा बनाकर उनकी जमीन बेच दी। भुईंया ऐप में तकनीकी खामी के कारण एक ही जमीन के दो खसरा नंबर दिख रहे थे। सौंखीलाल की जमीन खसरा नंबर 38/12 के अलावा माया देवी के नाम से 38/21 भी दिखाई दे रहा था। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर बजरंग प्रसाद गौतम के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सौंखीलाल ने बताया कि माया देवी की देवरीखुर्द में इस जमीन के अलावा कोई अन्य संपत्ति नहीं है। रजिस्ट्री कराने फर्जी आधार कार्ड का सहारा लिया सौंखीलाल का आरोप है कि भुईंया ऐप में डुप्लीकेसी का फायदा उठाते हुए प्रापर्टी डीलर बजरंग प्रसाद गौतम ने माया देवी के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाया, जिसका नंबर 785623050357 है। जबकि वास्तव में माया देवी का आधार कार्ड क्रमांक 309662171578 है। प्रापर्टी डीलर ने जमीन की रजिस्ट्री की जानकारी के मुताबिक, प्रापर्टी डीलर ने माया देवी की जमीन जिसकी रजिस्ट्री सौंखीलाल भार्गव के नाम से हो चुकी है। रजिस्ट्री कराने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मायादेवी की जगह किसी अन्य महिला और गवाह को खड़ा कर 13 फरवरी 2020 को पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री करा लिया। फर्जी ऋण पुस्तिका भी बनवाया आरोप है कि जमीन दलाल ने रजिस्ट्री कराने के लिए फर्जी मुख्तयारनामा बनवाने से लेकर सौंखीलाल के नाम पर रजिस्ट्री हो चुकी जमीन का बी वन , बी टू लगा कर न केवल बेच डाला बल्कि फर्जी ऋण पुस्तिका भी तैयार करवा लिया जिसका नंबर 733369 है। सौंखीलाल जब अपनी जमीन पर काबिज होने पहुंचा तब उसे पता चला कि उसकी जमीन पर प्रापर्टी डीलर बजरंग प्रसाद गौतम ने सुषमा गुप्ता और अरविंद कुमार गुप्ता को काबिज करा दिया। पूरे मामले का पता चलने पर उसने सिविल लाइन पुलिस में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई।


