इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को मिली नई कुलपति:सितार विशेषज्ञ प्रो. लवली शर्मा बनीं वाइस चांसलर, 26 रिसर्च पेपर और 7 किताबें प्रकाशित

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को नई कुलपति मिल गई हैं। राज्यपाल ने प्रो. लवली शर्मा को विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। विश्वविद्यालय पिछले कुछ वर्षों से विवादों में रहा है। पूर्व कुलपति डॉ. ममता चंद्राकर के पास कुलपति पद के लिए जरूरी दस वर्षों का अध्यापन अनुभव नहीं था। इससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। उनके कार्यकाल के बाद कई महीनों तक कुलपति का प्रभार संभागायुक्त के पास रहा। आगरा के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में हैं प्रोफेसर लवली प्रो. लवली शर्मा वर्तमान में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आगरा में प्रोफेसर हैं। वे भारतीय शास्त्रीय संगीत में सितार की शिक्षा देती हैं। उन्हें मैहर घराने की परंपरा में प्रशिक्षण मिला है। वे स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर सितार की प्रैक्टिकल क्लास के साथ ‘श्रुति, स्वर विभाजन और रागों का विश्लेषण’ भी पढ़ाती हैं। इनके 26 रिसर्च पेपर और 7 किताबें हो चुकें हैं प्रकाशित प्रो. शर्मा संगीत चिकित्सा की विशेषज्ञ हैं। उनके रुचि के क्षेत्रों में संगीत से जुड़ी चिकित्सा, संगीत का अध्ययन, संगीत शिक्षा, घरानों की परंपरा और लोक संगीत शामिल हैं। उनके 26 रिसर्च पेपर और 7 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। विश्वविद्यालय को उनके नेतृत्व में प्रशासनिक स्थिरता के साथ शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में नई दिशा मिलने की उम्मीद है। राजभवन की ओर से आदेश जारी राजभवन की ओर से जारी आदेश में उल्लेख है कि उनका कार्यकाल विश्वविद्यालय अधिनियम और परिनियमों के अनुसार निर्धारित होगा। आदेश पर राज्यपाल के उप सचिव हिना अनिमेष नेताम के हस्ताक्षर हैं, और इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा सचिव, दुर्ग संभागायुक्त, विश्वविद्यालय के कुलसचिव सहित सभी संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। विश्वविद्यालय से जुड़े कई विद्वानों और पूर्व शिक्षकों ने प्रो. शर्मा की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय विश्वविद्यालय की गरिमा को पुनर्स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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