मध्यप्रदेश में कहीं तेज गर्मी तो कहीं बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को जबलपुर-ग्वालियर समेत 30 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। तेज गर्मी के चलते भोपाल, रतलाम और शिवपुरी में सभी स्कूलों का समय बदल गया है। उधर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में दोपहर बाद तेज बारिश हुई और ओले गिरे। हवा इतनी तेज चली कि कुछ पेड़ गिर गए। भोपाल में दोपहर 12 बजे तक बादल छाए रहे, इसके बाद धूप निकली। भोपाल में जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने 12 बजे के बाद 8वीं तक स्कूल नहीं लगाने के आदेश जारी किए हैं। शिवपुरी के सभी सरकारी और निजी स्कूल सुबह 7.30 से दोपहर 12.30 तक लगेंगे। वहीं, रतलाम में सभी स्कूल सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगेंगे। इसी तरह ग्वालियर में 12वीं कक्षा तक क्लासेस 12 से पहले तक ही लगेगी। ग्वालियर में 12 बजे तक ही लगेगी कक्षाएं
ग्वालियर जिले में स्कूलों के समय में बदलाव किया है। बढ़ते तापमान के चलते जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में अब नर्सरी से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं दोपहर 12 बजे तक ही लगाई जा सकेंगी। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार ने आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश स्कूली परीक्षाओं पर प्रभावशील नहीं होगा। छिंदवाड़ा में तेज धूप के बाद ओले-बारिश
तेज गर्मी के बीच बुधवार को मध्यप्रदेश में बारिश और ओले गिरने का अलर्ट है। छिंदवाड़ा में दोपहर के समय बारिश के साथ ओले भी गिरे। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में हल्की तो कहीं तेज बूंदाबांदी हुई। कई इलाकों में ओले गिरे। जिले के सिंगोड़ी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से सड़क पर पेड़ गिर गया। वहीं, पांढुर्णा, सिवनी में ओले गिरने का अलर्ट है। यहां आकाशीय बिजली गिरने के साथ तेज आंधी चल सकती है। बालाघाट, डिंडौरी में मध्यम गरज के साथ बारिश और 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। मंडला, छिंदवाड़ा, अनूपपुर के अमरकंटक, नरसिंहपुर, बैतूल, जबलपुर, ग्वालियर, नीमच, गुना, मंदसौर और सागर जिलों में शाम के समय आकाशीय बिजली के साथ बारिश होने की संभावना है। ऐसा रहेगी आज का मौसम
IMD, भोपाल के अनुसार, धार में दिन के साथ रात भी गर्म रहेगी। अशोकनगर, गुना, रतलाम, मंदसौर और नीमच में हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, दमोह, जबलपुर, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, उज्जैन और आगर-मालवा में लू का यलो अलर्ट है।10 अप्रैल को भी रतलाम, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार, जबलपुर और मंडला में भी लू चलेगी। 11 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, बारिश होगी
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी पश्चिमी राजस्थान से पश्चिमी विदर्भ तक एक टर्फ एक्टिव है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस), साइक्लोनिक सकुर्लेशन का भी असर है। इस वजह से गर्मी का असर है, लेकिन 11 और 12 अप्रैल को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में मौसम बदल जाएगा। कहीं बादल छाए रहेंगे तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में मौसम बदलेगा, उनमें इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत 30 जिले शामिल हैं। तेज गर्मी के बीच एमपी में बारिश
इधर, मंगलवार को मौसम के दो रंग देखने को मिले। तेज गर्मी के बीच बारिश भी हुई। छिंदवाड़ा में गरज-चमक के साथ पानी गिरा। बैतूल, डिंडौरी और पांढुर्णा में भी मौसम बदला रहा। वहीं, गुना में 43.4 डिग्री, रतलाम-नर्मदापुरम में पारा 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार में 42.9 डिग्री, सागर में 42.5 डिग्री, शाजापुर, खजुराहो-नौगांव में 42.4 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर में 41.1 डिग्री, ग्वालियर में 41.9 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा। नर्मदापुरम-सागर में रात का पारा 27 डिग्री पार पहुंचा
मध्यप्रदेश में रातें भी गर्म हैं। इस कारण सीजन में पहली बार नर्मदापुरम, सागर और खंडवा में पारा 27 डिग्री के पार पहुंच गया है। मंगलवार-बुधवार की रात में नर्मदापुरम में 27.6 डिग्री, खंडवा में 27.4 डिग्री और सागर में 27.3 डिग्री रहा। इसी तरह धार में 26.2 डिग्री, खरगोन में 26 डिग्री, गुना में 25.4 डिग्री और सतना में 25.2 डिग्री रहा। इंदौर, ग्वालियर, सतना, रीवा-दमोह में 25 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 24.8 डिग्री, जबलपुर में 22.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 22 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ऐसा रहेगा अप्रैल में मौसम इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से बढ़कर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा
मध्यप्रदेश में मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसी ट्रेंड के अनुसार अगले 3 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी
जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मार्च महीने के आखिरी में ही टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट हुई। अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम का असर मिला-जुला रहेगा। अब जानिए, 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी के बारे में… मध्यप्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई
अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी
इंदौर में भी पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। इंदौर में पिछले साल 22.3 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 6 साल बारिश हो चुकी है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड
जबलपुर की बात करें तो यहां एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी, जो दो इंच के करीब है। 2023 में 20.2 मिमी बारिश हुई थी। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी
ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था। 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। 2023 में भी बारिश हुई थी। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल एक बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, पूरे महीने 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।


