एना संता दे वारे-वारे जाइये, संत दा रूप रब दा रूप…

लुधियाना| श्री शिव दुर्गा मंदिर उपकार नगर सिविल लाइन में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा में आज कथा के तीसरे दिन कथा के प्रवाह को आगे बढ़ाते हुए कथा व्यास परजीत गिल ने कहा कि अध्यात्म का शुभारंभ शब्द से हुआ है और इसका शुभारंभ श्रवण से भी होता है। लोग समझते हैं कि केवल जाप करने का फल मिलता है लेकिन मां स्वयं कहती है कि मैं श्रीमद देवी भागवत कथा में साक्षात विराजमान हूं। इसके श्रवण मात्र से ही कल्याण हो जाता है। मां का जब हम नाम लेते हैं स्तुति करते हैं तब मां हमारे जीवन में मंगल करती है। मां भगवती हमारे अंदर का अज्ञान मिटा कर ज्ञान का प्रकाश देती है। यदि जीवन में आनंद चाहते है तो शिव और शक्ति दोनों का पूजन करें। इस दौरान भजन मंडल की ओर से भजन एना संता दे वारे वारे जाइये, संत दा रूप रब दा रूप आदि गाकर सब को निहाल कर दिया। इस अवसर पर चन्नी गिल, पंडित चिंटू शास्त्री, राजी थापर आदि मौजूद रहे।

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