नक्सल प्रभावित कांदुलनार में पुलिस व बीएसएफ ने कैम्प स्थापित किया

भास्कर न्यूज | नारायणपुर पुलिस के द्वारा जिले के थाना सोनपुर के ग्राम कांदुलनार में नक्सल विरोधी अभियानों एवं सोनपुर-ढोढरीबेड़ा-मसपुर- होरादि- गारपा- कांदुलनार से सितरम-मरोडा मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 7 अप्रैल को नारायणपुर पुलिस डीआरजी, बस्तर फाइटर एवं बीएसएफ 133वीं, 129वीं, 135वीं वाहिनी के द्वारा नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र के ग्राम कांदुलनार में नवीन सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप स्थापित किया गया है। विगत एक साल में अब तक 12वां नवीन कैंप कांदुलनार में खोला गया। ग्राम कांदुलनार ओरछा ब्लाक के कोहकामेटा तहसील व थाना सोनपुर क्षेत्रांतर्गत स्थित है। ग्राम कांदुलनार में नवीन कैंप स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कांदुलनार में नवीन कैंप स्थापित होने से सरकार की नियद नेल्लानार योजना के तहत आसपास के क्षेत्र में सड़क, पानी, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा एवं नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी आयेगी। ग्राम कांदुलनार में एक दिवसीय कम्युनिटी पुलिसिंग शिविर का आयोजन किया गया। बीएसएफ 133वीं वाहिनी के कमांडेंट कमल सिंह शर्मा एवं रोबिनसन गुड़िया, एएसपी सुशील कुमार नायक क्षेत्र के ग्राम कान्दुलनार, कोगे, पांगुड़, विवनार, बेरीटोला, बोरानीरपी एवं आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों से भेंट मुलाकात कर उनसे कुशलक्षेम जानकर उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों द्वारा पूर्व के नक्सल यातना को व्यक्त किया और अब क्षेत्र में पुलिस कैंप के साथ विकास पहुंचने पर स्वयं को सुरक्षित महसूस करना बताया। ग्रामीणों ने नक्सलवाद का साथ नहीं देने विकास कार्यो में सहयोग करने की बात कही। शिविर में जरूरतमंद ग्रामीणों को उनके दैनिक उपयोगी सामग्री प्रदाय किया गया। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से बिजली, नल-जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोड इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के साथ पुलिस कैंप की मांग की गई जिसे जल्द पूर्ण कराये जाने एवं क्षेत्र में जन समस्या निवारण शिविर लगाये जाने का आश्वासन दिया गया। शिविर में 400 से अधिक की संख्या में ग्रामीण आये। सभी उपस्थित बच्चों का चॉकलेट से मुंह मीठा कराया गया। शिक्षा के महत्व को बताते हुए बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के संबंध में पालकगण को समझाया गया।

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