पापों का अंत करके दुखों का अंत संभव है

लुधियाना| एसएस जैन सभा नूरवाला जैन स्थानक के तत्वावधान में विराजमान महाश्रमणी सुशील कुमारी महाराज ने जनसमूह की जागृत करते हुए उद्‌बोधन दिया कि संसार अनित्य है। यहां की हर वस्तु क्षणिक सुख देने वाली है। वस्तु को धन देकर खरीदा जा सकता है, लेकिन वह वस्तु सुख अवश्य देगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। महासाध्वी जी ने कहा कि सुख का गारंटी कार्ड लेना है तो पुण्य का कलश भरना जरूरी है। साध्वी रत्न शुभिता महाराज ने 23वें तीर्थंकर भगवान चिंतामणि पार्श्वनाथ जी की जन्म कल्याणक के आगमन पर श्रीसंघ को तप त्याग की प्रेरणा देते हुए कहा कि जैसा सोना आग में तप कर कुंदन बनता है वैसे ही आत्मा साधना की भट्ठी में तप कर पुनीत पावन बनती है। शुभिता महाराज ने कहा कि पापों का अंत करके ही हम दुखों का अंत कर सकते हैं। इस अवसर पर प्रवचन सभा में एसएस जैन सभा के प्रधान अवनीश जैन, वरिष्ठ उप प्रधान अभिनंदन जैन बोथरा, उप प्रधान अरुण जैन, महामंत्री अशोक जैन, कोषाध्यक्ष अरिहंत जैन, रवि जैन, कुमद जैन आदि मौजूद रहे।

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