खैरागढ़ में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट गहरा गया है। कई वार्डों में हफ्तों से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। लोगों को पानी के लिए टैंकरों के पीछे दौड़ना पड़ रहा है। दस साल पहले शहर में 37 करोड़ रुपए की जल आवर्धन योजना शुरू की गई थी। इसमें छिंदारी डैम से पाइपलाइन के जरिए हर वार्ड तक पानी पहुंचाना था। दो साल पहले नगर पालिका ने शहर की सड़कों को खोदकर पाइप बिछा दिए। लेकिन आज तक इन पाइपों से एक बूंद पानी नहीं आया। योजना में पहले डेम से मुख्य पाइपलाइन बिछानी थी। लेकिन अफसरों ने बिना डैम से कनेक्शन के ही शहर में पाइप डाल दिए। अब लालपुर डेम से पानी लाने की योजना है। इसके लिए 2.46 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। लेकिन यह डैम भी जर्जर है। गंजीपारा का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एक साल से तैयार है, पर वहां से भी सप्लाई शुरू नहीं हुई। पानी का टैंकर 5 दिन से सड़क पर खड़ा शहर अभी भी पुरानी रियासतकालीन पाइपलाइन पर निर्भर है। दाऊ-चौरा में एक खराब पानी का टैंकर 5 दिन से सड़क पर खड़ा है। इससे जाम और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोग योजना में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही योजना पूरी होने तक हर वार्ड में टैंकरों से नियमित पानी की सप्लाई की मांग कर रहे हैं। दावा-योजना का काम लगभग पूरा हो चुका नगर पालिका अधिकारी नरेश वर्मा का दावा है कि योजना का काम लगभग पूरा हो चुका है और इस वक्त पाइपलाइन की टेस्टिंग चल रही है। उनका कहना है कि आठ दिनों के भीतर टंकी से पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी और जहां जरूरत है, वहां टैंकर भेजे जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कब तक मिलेगा पानी? कोई नहीं जानता। फिलहाल, खैरागढ़ के लोग हर रोज पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


