सुबह-शाम सुकून भरे पल बिताने शहर में नई जगह जय स्तंभ परिसर

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर सुबह योग करना हो या शाम के वक्त सुकून से कुछ पल बिताने हों, तो शहर में एक नई जगह के रूप में जय स्तंभ चौक उभरा है। जय स्तंभ चौक के सौन्दर्यीकरण का काम पूरा होने के बाद इसकी रंगत देखते ही बन रही है। 7 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जय स्तंभ चौक का उद्घाटन किया। वहीं मंगलवार से इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। मंगलवार को नए जय स्तंभ चौक की गेट खोले जाने के बाद पहले ही दिन काफी चहल-पहल देखी गई। जगमगाते हुए जय स्तंभ परिसर में लोगों ने पाथवे पर घूमकर आनंद उठाया। राधा-कृष्ण मंदिर के पीछे के हिस्से में बने फ्रेम झरने पर पहुंचकर लोगों ने सेल्फी ली। बच्चे यहां बिछे घांस में खेलते हुए देखे गए। कई लोग जय स्तंभ चौक के सामने खड़े होकर भी सेल्फी ले रहे थे। वहीं यहां लगे बेंच में बैठकर लोग आपस में बातें करते देखे गए। सुंदर जय स्तंभ चौक व परिसर के साथ सेल्फी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर मंगलवार की शाम से वायरल होने लगी है। आने वाले दिनों में इस स्थान पर और भीड़ बढ़ने की संभावना है। मंगलवार को पहले दिन आम नागरिकों के साथ जशपुर नगरपालिका के अध्यक्ष अरविंद भगत, एसडीएम ओंकार यादव, सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय और वार्ड पार्षद विक्रांत सिंह आदि भी पहुंचे थे। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के बीच जय स्तंभ परिसर की सुरक्षा और सफाई को लेकर चर्चा हुई। नियमित सफाई व सुरक्षा का रखा जाएगा ध्यान इस स्थान की रंगत लंबे समय तक बनी रहे और यह चौराहा लोगों को आकर्षित करे इसके लिए परिसर की नियमित सफाई की जाएगी। समय-समय पर मेंटेनेंस का काम भी चलेगा। सीएमओ ने बताया कि बालोद्यान में काम करने वाले माली की ड्यूटी यहां भी सफाई व देखभाल के लिए लगाई जाएगी। कोशिश की जाएगी कि यहां के लिए अलग से एक कर्मचारी नियुक्त हो। रात को यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा ना लगे, इसके लिए रात 9:30 बजे के बाद परिसर की गेट को बंद कर दिया जाएगा। 25 लाख रु. की लागत से किया गया सौन्दर्यीकरण जय स्तंभ चौक व परिसर के सौन्दर्यीकरण का काम 25 लाख रुपए की लागत से किया गया है। जय स्तंभ की रंगाई-पुताई के साथ उसकी ऊंचाई बढ़ाने के लिए ऊपर में नई आकृति लगाई गई है। जय स्तंभ के चारों ओर एक छोटा मंच तैयार कर उसे चारों ओर से जालीदार दीवार से घेरा गया है। जय स्तंभ में चारों दिशाओं से रोशनी दी गई है। परिसर में राधा कृष्ण मंदिर के पीछे सीमेंट की लकड़ीनुमा कारीगरी कर दीवार से झरना बहाया जा रहा है। नीचे टंकी बनी है जिसमें लाइट दी गई है। पूरे परिसर में कई लाइटें लगी हैं।

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