राजस्थान हाईकोर्ट के सीजे एमएम श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में लंबित केसों की संख्या पर चिंता जताते हुए कहा है कि यह किसी से छिपा हुआ नहीं है। यहां पर लंबित केसों के अनुपात में न्यायाधीशों की संख्या कम है और इससे केसों की सुनवाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं हर न्यायाधीश पर भी मुकदमों का भार है। सीजे ने यह बात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर, की ओर से नव नियुक्त न्यायाधीशों के सम्मान कार्यक्रम में कही। सीजे ने कहा कि लंबित केसों के चलते जिन केसों की जल्द सुनवाई होनी है वह भी सही तरीके से नहीं हो पा रही है। हालांकि हाल में भी हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है। हाईकोर्ट में जजों की इन नई नियुक्तियों से न्यायाधीशों की संख्या भी बढ़ी है और इससे न्यायपालिका को भी लाभ मिलेगा व पक्षकारों को भी राहत मिल सकेगी। हम सब भी सिस्टम का हिस्सा हैं, असली राहत तो पक्षकार को ही मिलती है। सम्मान कार्यक्रम में नव नियुक्त जज प्रमिल कुमार माथुर, जस्टिस मनीष शर्मा, जस्टिस आनंद शर्मा, जस्टिस मुकेश राजपुरोहित को बार एसोसिएशन की ओर से माला और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेन्द्र शांडिल्य सहित अन्य पदाधिकारी व अधिवक्ता भी मौजूद रहे।


