कोंडागांव के चिकलपुट्टी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 188वीं बटालियन ने 9 अप्रैल को शौर्य दिवस मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत कमांडेंट भवेश चौधरी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी से हुई। शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पण कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। सैनिक सम्मेलन में कमांडेंट चौधरी ने सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल 1965 को कच्छ के रण में सीआरपीएफ के जवानों ने पाकिस्तानी सेना की एक पूरी ब्रिगेड को पीछे धकेल दिया था। वीरता पदक प्राप्त जवानों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान वीरता पदक प्राप्त जवानों को सम्मानित किया गया। साथ ही शहीद शिवलाल नेताम की वीर पत्नी को स्मृति चिह्न भेंट कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कमांडेंट ने जवानों को देश सेवा और सेना की गरिमा बनाए रखने की प्रेरणा दी। संविधान और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता सम्मेलन के अंत में सभी जवानों ने देश, संविधान और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण की शपथ ली। यह पल सभी के लिए गर्व और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा। सांस्कृतिक संध्या में झलका रंग और उमंग शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में जवानों और उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर जवानों और उनके परिवारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। ‘बड़ा खाना’ – एकता और भाईचारे का प्रतीक कार्यक्रम के समापन पर ‘बड़े खाने’ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी कार्मिकों और उनके परिजनों ने एक साथ भोजन कर आपसी एकता और सहयोग का संदेश दिया।


