सीएम बोले- 2500 साल बाद भी महावीर के सिद्धांत प्रासंगिक:आचार्य प्रमाण सागर जी के सानिध्य में रविन्द्र भवन में मनाई गई महावीर जयंती

राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन में महावीर जयंती पर गुरुवार शाम महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव और मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के 38वें दीक्षा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उनके साथ मंत्री विश्वास सारंग और प्रह्लाद पटेल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सीएम ने पुस्तक का विमोचन भी किया। सीएम बोले: भारत ही ऐसा देश है जो उलझनों को सुलझाता है कार्यक्रम में जैन संत आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज के सानिध्य में सैकड़ों श्रद्धालु जुटे। इस दौरान सीएम ने कहा कि भगवान महावीर और हमारे अन्य आराध्यों से ही विश्व में भारत की विशेष पहचान बनी है। विश्व के अधिकांश देशों में विभिन्न प्रकार के संघर्षों से संस्कृति की धारा प्रभावित हुई। लेकिन भारत ऐसा राष्ट्र है जो संतों, मुनियों के बताए मार्ग पर आज भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में 200 से ज्यादा देश हैं, इनमें से कई देशों की संस्कृति कहां गई, किसी को पता नहीं चला। दुनिया भले उलझन में रहे, लेकिन भारत ही ऐसा देश है, जो उलझनों को सुलझा सकता है। महावीर स्वामी का जीवन संयम, तप और त्याग की मिसाल सीएम ने कहा कि भगवान महावीर ने 2500 वर्ष पहले जो सिद्धांत दिए वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। महावीर स्वामी का जीवन संयम, तप और त्याग की मिसाल है। आचार्य विद्यासागर जी को देखकर भगवान महावीर का स्मरण होता था। आचार्य विद्यासागर जी महाराज जीते जी देवत्व को प्राप्त हो गए। उन्होंने जैन संत आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज से मुख्यमंत्री निवास पधारने का अनुरोध भी किया। सीएम बोले: ‘अतिथि वह जिसके आने से तिथि धन्य हो जाए’ सीएम ने कहा कि शुभकामनाएं क्षणिक होती हैं, पर मंगल तिथियां जीवन बदल देती हैं। अतिथि वही होता है जिसके आने से तिथि धन्य हो जाए। भोपाल में पीएम मोदी के स्वागत से पहले तैयारी तेज वहीं सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल एमपी दौरे पर आ रहे हैं। दो महीने के भीतर पीएम का यह दूसरा दौरा प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इसको लेकर सरकारी स्तर पर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा – सत्ता के साथ श्रद्धा हो तो संस्कृति प्रतिष्ठित होती है जैन आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा कि आज देश और देश के कई राज्यों में धर्मधारी सत्ता में हैं। सत्ता के साथ श्रद्धा हो, तो संस्कृति प्रतिष्ठित होती है। हमारी संस्कृति पर अनेक आघात भी हुए, लेकिन आज भी संस्कृति का स्वरूप सुरक्षित है। एआई और रोबोट आ जाने से कार्य में सुविधा हो सकती है, लेकिन ये मशीन संवेदना से दूर हैं। मनुष्य के पास संवेदना की शक्ति है। यदि संवेदना नहीं है तो मनुष्य भी रोबोट और यंत्र ही कहलाएंगे। संवेदना ही हमें मशीनों से अलग करती है। इच्छा की मुक्ति ही जीवन को सुखी बनाती है जैन आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा कि सत्य में जीने से ही सच्चा सुख मिलता है। इच्छा की पूर्ति में समाधान नहीं है, बल्कि इच्छा-मुक्त जीवन को सुखी बनाती है। उन्होंने बताया कि मौन का अर्थ केवल चुप रहना नहीं, बल्कि आत्म संवाद करना होता है। वहीं गौ-शालाओं में गायों के लिए आहार की राशि दोगुनी करने की घोषणा को मंत्री-परिषद की स्वीकृति दिलवाने पर जैन आचार्य ने कहा कि सरकार को ऐसे प्रयास करते रहना चाहिए।

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